शामली धर्मांतरण कांड: जिम में शुरू हुई दोस्ती, करोड़ों की संपत्ति के लालच में आयुष बना ‘रहमान’, चांदनी कुरैशी और उसका पिता गिरफ्तार, हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन

फर्जी निकाहनामा, जान से मारने की धमकी और पाकिस्तानी मौलाना के वीडियो से ‘ब्रेनवॉश’ का आरोप; सांसद इकरा हसन पर भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक चौंकाने वाला धर्मांतरण कांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। यहां एक बड़े दवा व्यापारी के बेटे को जिम संचालक युवती द्वारा जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने और फिर चोरी-छिपे निकाह करने का आरोप है। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी जिम संचालक चांदनी कुरैशी और उसके पिता को हिरासत में ले लिया है।

कहानी की शुरुआत: जिम से जुड़ी नजदीकी

यह पूरी कहानी शामली के दयानंद नगर से शुरू होती है। यहां रहने वाले देवराज मलिक इलाके के बड़े दवा कारोबारियों में गिने जाते हैं। एसपी के मुताबिक देवराज मलिक के शहर में दो बड़े मेडिकल स्टोर हैं और वह शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भी हैं। एक मेडिकल स्टोर पर देवराज मलिक और दूसरे को उनका पुत्र आयुष चलाता है। देवराज मलिक के पास मेडिकल स्टोरों के अलावा मकान, गाड़ी व जमीन समेत कई करोड़ रुपये की संपत्ति है और अधिकतर संपत्ति आयुष के नाम पर है। पीड़ित युवक आयुष मलिक ने बी-फार्मा की पढ़ाई की है और वह अपना मेडिकल स्टोर चलाता है। करीब 5 साल पहले उसने शामली स्थित “कुरैशी प्लस” नाम के जिम में एक्सरसाइज करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसके बाद से वह नियमित रूप से जिम आने लगा। यहीं जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से उसकी नजदीकी धीरे-धीरे बढ़ती गई।

कैसे बदला आयुष का धर्म और नाम?

जाट परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवक आयुष मलिक को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसकी गैंग ने मुस्लिम बना दिया। उसका नाम बदलकर रहमान रख दिया। अब आयुष की दाढ़ी बढ़ी हुई है और वह सफेद टोपी पहनने लगा है। परिवार को तब शक हुआ जब घर में बेटे का पहनावा और व्यवहार बदलने लगा — कुर्ता-पायजामा, लंबी दाढ़ी और मस्जिद जाकर नमाज पढ़ना। यह पूरा मामला बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज के वीडियो के बाद सामने आया। स्वामी यशवीर महाराज ने वीडियो जारी कर चिंता जताई थी कि मेडिकल स्टोर संचालक आयुष मलिक को मुस्लिम युवती चांदनी कुरैशी ने फंसा लिया है और उनकी मुस्लिम पहचान बना दी है।

करोड़ों की संपत्ति हड़पने की सुनियोजित साजिश का आरोप

एसपी ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्री से हुई पूछताछ में सामने आया कि इस्लाम (चांदनी का पिता) फलों का ठेला लगाता था। चांदनी व उसके पिता समेत पूरे परिवार की नजर आयुष मलिक व उसके पिता देवराज मलिक की संपत्ति पर थी। संपत्ति हड़पने के लिए चांदनी ने आयुष को प्रेमजाल में फंसाया और अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी निकाहनामा तैयार कराया और ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन कराया था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि चार साल पुराना एक कथित फर्जी निकाहनामा दिखाकर उन पर अनुचित मांगें मानने का दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।

पाकिस्तानी मौलाना के वीडियो से ‘ब्रेनवॉश’ का गंभीर आरोप

ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि चांदनी और उसके परिवार ने आयुष को पाकिस्तानी मौलाना के वीडियो दिखाकर उसकी मानसिकता बदलने की कोशिश की। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। पुलिस दो मौलानाओं की तलाश भी कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई: 10 नामजद, गिरफ्तारियां शुरू

आयुष के पिता देवराज ने इस ‘धर्मांतरण’ को एक सोची-समझी आर्थिक साजिश बताते हुए पुलिस में तहरीर दी। पुलिस ने तीन मौलानाओं, चांदनी और उसके पिता इस्लाम समेत कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।  चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल आयुष अपने परिवार के साथ है और उसे हिंदू धर्म गुरुओं से भी मिलवाया जा रहा है। पुलिस आरोपों की जांच में जुटी हुई है।

रेलवे स्टेशन पर उग्र प्रदर्शन, पुलिस बल तैनात

इस कथित धर्मांतरण के विरोध में हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शामली रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होकर शर्टलेस (अर्धनग्न) प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ सिटी के नेतृत्व में तीन थानों की भारी पुलिस बल तैनात रही। जब प्रदर्शनकारियों ने हनुमान टीले की ओर कूच करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। काफी देर तक तीखी नोकझोंक के बाद, सीओ सिटी के आश्वासन पर प्रदर्शन शांत हुआ और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

सांसद इकरा हसन को घेरा, चेतावनी जारी

उत्तराखंड के हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में शहर का एक प्रतिष्ठित डॉक्टर भी शामिल है, जिस पर मुकदमा होना चाहिए। उन्होंने कैराना सांसद इकरा हसन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने जिले के बाहर के मामले तो नजर आते हैं, लेकिन इस गंभीर स्थानीय मामले पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। ललित शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सांसद ने जल्द स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो उनके घर के बाहर भी उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

मौलाना का पक्ष: ‘स्वेच्छा से हुआ निकाह’

इस पूरे विवाद पर मौलाना कासिम ने दलील दी है कि धर्म परिवर्तन में किसी का जोर नहीं चलता और यह पूरी तरह स्वयं की मर्जी से होता है। उन्होंने कहा कि दोनों युवक-युवती बालिग हैं और उन्होंने बकायदा कोर्ट की शरण लेकर तथा न्यायालय की इजाजत से ही निकाह किया है।

एसपी की बात: जांच जारी

एसपी एनपी सिंह ने बताया कि विभिन्न पहलुओं से मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसमें विवाह के दस्तावेज और धर्मांतरण की प्रक्रिया शामिल है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा। यह मामला उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस और प्रशासन पर दबाव है कि निष्पक्ष जांच हो और दोनों पक्षों को न्याय मिले।

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