Japan earthquake: जापान के क्यूशू क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप, कुमामोतो के मॉल में कई लोग फंसे, 50 से ज्यादा घायल

Japan earthquake: टोक्यो, जापान के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार को धरती जोरदार तरीके से डोल उठी। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार क्यूशू द्वीप के कुमामोतो प्रान्त में 7.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र कुमामोतो शहर से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण में था, जो क्यूशू द्वीप का सबसे बड़ा शहर है और जिसकी आबादी करीब 7 लाख है। कई इलाकों में जापानी सिस्मिक स्केल पर अधिकतम स्तर ‘शिंदो 7’ तक झटके महसूस किए गए।

मॉल की मंजिल धंसी, कई लोग फंसे

सबसे गंभीर घटना काशिमा शहर में स्थित एऑन शॉपिंग मॉल में हुई। स्थानीय दमकल विभाग के अनुसार भूकंप के तुरंत बाद मॉल के अंदर धमाके जैसी आवाज और सफेद धुआं उठने की सूचना मिली, जिसके बाद मॉल की दूसरी मंजिल का एक हिस्सा धंस गया। इससे इमारत के अंदर बड़ी संख्या में लोग फंस गए। जापानी प्रसारक NHK और TBS की रिपोर्ट्स के अनुसार आंशिक ढहाव में कुछ लोगों की मौत होने की आशंका जताई गई है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एऑन प्रवक्ता ने बताया कि भूकंप आते ही ग्राहकों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया था।

50 से अधिक घायल, तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

एक अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 50 से ज्यादा लोगों को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया है। जापान की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक करीब तीन लाख लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर के अनुसार करीब 48,000 घरों की बिजली गुल हो गई।

प्रधानमंत्री ताकाइची ने संभाली कमान

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षति और घायलों की संख्या का आकलन अभी जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने और आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, साथ ही सड़कों, पुलों को नुकसान पहुंचा है और इमारतें ढहने की भी सूचना है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की। ताकाइची ने आपदा राहत के लिए एक आपात कार्यबल गठित करने की घोषणा की, जिसकी अगुवाई वह खुद करेंगी। कुमामोतो के गवर्नर के अनुरोध पर राहत अभियान के लिए 3,600 सेल्फ-डिफेंस फोर्स के जवानों को तैनात किया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था प्रभावित

भूकंप के कारण क्यूशू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन की पूरी लाइन पर परिचालन रोक दिया गया, जबकि पश्चिम क्यूशू शिंकानसेन विलंब से चल रही है। कई लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुईं। पश्चिम निप्पॉन एक्सप्रेसवे कंपनी के अनुसार कुमामोतो प्रान्त में कई एक्सप्रेसवे बंद कर दिए गए। कुमामोतो हवाई अड्डे का रनवे भी बंद कर दिया गया, जिससे कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं।

सुनामी की चेतावनी जारी, फिर वापस ली गई

भूकंप के तुरंत बाद तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया गया। JMA के एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों में तेज झटके महसूस हुए, वहां के निवासियों को अगले एक सप्ताह तक इतनी ही तीव्रता के भूकंप और भूस्खलन के खतरे को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

2016 की तबाही की याद ताजा

गौरतलब है कि कुमामोतो क्षेत्र एक दशक पहले भी भीषण भूकंप की चपेट में आ चुका है। साल 2016 में यहां दो बड़े भूकंप — पहला 6.5 और दूसरा उसके दो दिन बाद 7.3 तीव्रता का — आए थे, जिनमें 273 लोगों की मौत हुई थी और 2,800 से अधिक लोग घायल हुए थे।

जापान क्यों है भूकंप-प्रवण

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण देशों में शामिल है, जहां हर पांच मिनट में कहीं न कहीं भूकंप के झटके दर्ज होते रहते हैं। प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित होने के कारण जापान में दुनिया के करीब 18-20 प्रतिशत भूकंप (6.0 तीव्रता या उससे अधिक) आते हैं। स्थिति अभी भी लगातार अपडेट हो रही है और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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