दोनों मामलों में पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी गिरफ्तार; हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश एक बार फिर दो ऐसी घटनाओं से हिल गया है जिन्होंने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर शामली जिले से ‘जिम जिहाद’ और जबरन धर्म परिवर्तन का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला जिम ट्रेनर ने दवा कारोबारी के इकलौते बेटे को प्रेम-जाल में फँसाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। दूसरी ओर, वाराणसी के पिसौर क्षेत्र में एक 13 वर्षीय मासूम स्कूली बच्ची स्कूल से लौटते वक्त एक दरिंदे की हवस का शिकार हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वाराणसी: स्कूल से लौट रही 13 साल की मासूम से दरिंदगी, CCTV में कैद हुई शर्मनाक करतूत
वाराणसी के पिसौर क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ एक युवक ने बेहद शर्मनाक छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने पहले स्कूटी से पीछा किया, फिर बीच रास्ते में रोककर अश्लील हरकतें कीं। बच्ची को अपनी जान बचाने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति के घर में शरण लेनी पड़ी। 31 मई को दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर श्री राज राजेश्वरी वेद पाठशाला के 17 वर्षीय छात्र अपनी 13 वर्षीय छोटी बहन के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में पहले से ही काली स्कूटी पर घात लगाकर बैठे आरोपी यशवंत राज ने उन पर हमला किया। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर आरोपी यशवंत राज की पहचान हो सकी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहन दूबे ने तुरंत पुलिस में तहरीर लिखाई। 4 जून को दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट पर आरोपी यशवंत राज को फिर स्कूल के आसपास मंडराते देखा गया, जिसके बाद स्कूल स्टाफ ने तुरंत 112 पर सूचना दी। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अभिभावकों और नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से माँग की है कि आरोपी पर पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और स्कूल मार्गों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
विशेषज्ञों की राय: कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला-बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शामली मामले में उत्तर प्रदेश के धर्म परिवर्तन विरोधी कानून (2021) के तहत सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं वाराणसी मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के साथ-साथ आरोपी पर अधिकतम सजा सुनिश्चित करने की माँग उठ रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामलों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

