गंगा में ‘बीयर पार्टी’ का वीडियो वायरल: इफ्तार मामले में 14 गिरफ्तार, अब नाविकों पर सिर्फ जांच पुलिस की ‘दोहरी कार्रवाई’ पर उठे सवाल

गंगा में ‘बीयर पार्टी’ का वीडियो वायरल: काशी की पावन गंगा एक बार फिर विवाद के केंद्र में है। रविवार रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें माझी समाज के लोग पारंपरिक ‘बधावा’ लेकर मिर्जापुर स्थित अदलपुरा धाम में शीतला माता के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। इसी यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने खुलेआम बीयर का सेवन किया और तेज आवाज में डीजे बजाकर नाचते रहे, जिससे गंगा में अन्य श्रद्धालुओं को भी असुविधा हुई।

क्या है पूरा मामला?

शीतला अष्टमी के अवसर पर हर वर्ष माझी समाज के नाविक बधावा लेकर अदलपुरा धाम जाते हैं। इस बार वाराणसी से करीब 4000 नाविक 1500 नावों के साथ गंगा मार्ग से निकले और नावों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। स्थानीय लोगों और नाविकों के अनुसार, वीडियो में दिख रही नाव और युवक अस्सी घाट क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो संज्ञान में आया है और वीडियो में दिख रहे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को मांझी समाज के लोग मंदिर के लिए निकले थे और देर रात का वीडियो बताया जा रहा है। एसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो बनारस का है या मिर्जापुर का, इसकी भी जांच की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन नाविकों और आयोजकों की भी भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने नाव पर डीजे लगाने की अनुमति दी।

नाविक समाज में आक्रोश, संगठन ने सौंपा ज्ञापन

घटना के बाद मां गंगा निषादराज सेवा न्याय संगठन ने एसीपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि कुछ लोगों की हरकत को पूरे नाविक या माझी समाज से जोड़ना गलत होगा।

इफ्तार मामले से तुलना और राजनीतिक विवाद

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब इफ्तार मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। गंगा में इफ्तार के नाम पर चिकन बिरयानी की पार्टी करने वाले 14 आरोपियों की जमानत लोअर कोर्ट के बाद अब सेशन कोर्ट ने भी खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से की गई। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं यदि इफ्तार पर जेल हो सकती है, तो आस्था की नदी को अपवित्र करने वाले इन लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी वीडियो शेयर कर यही सवाल उठाया है।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

वाराणसी प्रशासन ने गंगा की पवित्रता और सुरक्षा को देखते हुए नदी में तेज आवाज में डीजे बजाने, नशा करने और किसी भी प्रकार की पार्टी करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि भारी पुलिस बल और जल पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में युवक डीजे लेकर गंगा में कैसे दाखिल हुए। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि होते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।​​​​​​​​​​​​​​​​

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