Greater Noida death pit: जिम्मेदारों की अनदेखी और सिस्टम की लापरवाही अब मासूमों की जान पर भारी पड़ने लगी है। ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ चिपियाना बुजुर्ग गांव से 6 दिन से लापता 5 वर्षीय बालक ईशु का शव सोमवार सुबह गांव के ही एक तालाब में उतराता मिला। इस खबर के बाद से इलाके में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते समय हुआ था लापता
जानकारी के अनुसार, मूलरूप से फर्रुखाबाद के रहने वाले इंद्रपाल चिपियाना बुजुर्ग में किराए के मकान में रहकर एक फैक्ट्री में काम करते हैं। उनका 5 वर्षीय बेटा ईशु करीब 6 दिन पहले घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसे हर जगह तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह जब तालाब में उसका शव देखा गया, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी हाइड्रा क्रेन
तालाब गहरा और गंदगी से भरा होने के कारण शव को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बिसरख कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हाइड्रा क्रेन मंगवाई। एक युवक को रस्सी के सहारे तालाब में उतारा गया, जिसने करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मासूम के शव को बाहर निकाला।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
ग्रेटर नोएडा में यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। हाल ही में:
- सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान गई।
- दनकौर में तीन साल के मासूम देवांश की डूबने से मौत हुई।
- और अब ईशु की मौत ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों की पोल खोल दी है।
पुलिस का बयान: “शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला दुर्घटना का लग रहा है। फिलहाल परिजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।”

