वियतनाम बोट हादसा: 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुंचे, तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश-केरल में शोक की लहर

वियतनाम बोट हादसा: मुंबई/हनोई। वियतनाम के मशहूर पर्यटन स्थल फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार, 11 जुलाई को हुए भीषण स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर सोमवार रात मुंबई पहुंच गए। वियतनाम एयरलाइंस की फ्लाइट VN979 शवों को लेकर हो ची मिन्ह सिटी से रवाना हुई थी और स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे उड़ान भरकर भारतीय समयानुसार रात 9:35 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी।

कैसे हुआ हादसा

36 लोगों को ले जा रही यह नाव 11 जुलाई को दक्षिणी वियतनाम में हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें 32 भारतीय पर्यटक, तीन क्रू सदस्य और एक अटेंडेंट सवार थे। रफ समुद्री हालात के कारण यह स्पीडबोट होन मे रुत नगोई द्वीप से अन थोई पोर्ट की ओर जाते वक्त पलट गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव किनारे से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही डूब गई और यात्री मदद के लिए चिल्लाते रहे। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई जबकि 21 लोगों को बचा लिया गया, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। स्पीडबोट को ओशन पीयर आइलैंड कंपनी संचालित कर रही थी।

किन राज्यों से थे मृतक

भारतीय दूतावास ने मृतकों की सूची जारी करते हुए बताया कि इनमें तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के तीन और केरल के दो लोग शामिल थे। मारे गए 15 लोगों में दो महिलाएं और 13 पुरुष शामिल थे।

सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया

हादसे की खबर फैलते ही देशभर से शोक संदेशों का तांता लग गया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गहरा दुख जताते हुए पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को भारतीय दूतावास के साथ मिलकर घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पुष्टि की कि राज्य के तीन निवासी भी इस हादसे में मारे गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वियतनाम में भारतीय दूतावास व वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हरसंभव सहायता कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वियतनाम की ओर से भी संवेदनशीलता दिखाई गई वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने केंद्रीय और स्थानीय अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता देने, पीड़ित परिवारों की मदद करने और हादसे की जांच के आदेश दिए।

आगे की प्रक्रिया — तीनों राज्यों में शव भेजने की तैयारी

मुंबई पहुंचने के बाद पार्थिव शरीरों को संबंधित राज्यों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। तीन पार्थिव शरीरों को हैदराबाद ले जाया जाएगा, जहां से आगे मछलीपट्टनम, कडप्पा और हिंदूपुर भेजा जाएगा, जबकि आंध्र प्रदेश के जीवित बचे लोग रविवार रात ही हैदराबाद लौट आए थे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी आंध्र भवन की टीम कर रही है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय, वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास, मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन और तमिलनाडु-केरल सरकारों के साथ लगातार समन्वय में है। सुगम प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु और केरल सरकारों ने मुंबई की अनुभवी एजेंसी जॉन पिंटो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी है। आंध्र प्रदेश के लिए तीन पार्थिव शरीरों को 14 जुलाई सुबह 5:45 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6E6362 से हैदराबाद रवाना किया जाना तय हुआ है, जो सुबह 7:20 बजे वहां पहुंचेगी। केरल के मृतकों को लेकर भी अपडेट सामने आया है। कोट्टारक्करा के रहने वाले ए.सी. थॉमस (57) और उनकी पत्नी लवनी थॉमस (56) के पार्थिव शरीर मंगलवार, 14 जुलाई को राज्य लाए जाएंगे, इसकी पुष्टि केरल मुख्यमंत्री कार्यालय ने की है।

हादसे की पृष्ठभूमि

फू क्वोक वियतनाम के सबसे लोकप्रिय समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों में से एक है और हर साल लाखों घरेलू व विदेशी पर्यटक यहां के सफेद रेतीले तटों और साफ पानी के लिए आते हैं। यह हादसा भारतीय पर्यटकों के एक बड़े समूह के लिए एक सामान्य द्वीप-भ्रमण के दौरान हुआ, जिसने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है।

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