नोएडा/ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 93वीं बोर्ड बैठक सोमवार, 28 सितंबर 2026 को संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के औद्योगिक विकास, नागरिक सुविधाओं के दीर्घकालिक रख-रखाव, किसानों के हित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्राधिकरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर तक कुल प्राप्तियां 4,222.37 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (1,495.43 करोड़ रुपये) की तुलना में 182.35 प्रतिशत अधिक हैं। औद्योगिक/मिक्स्ड लैंड योजना से अकेले 2,420.7 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के प्रावधानित बजट का 174.47 प्रतिशत है। व्यय भी बढ़ा—इस अवधि में कुल व्यय 5,501.71 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 2,333.72 करोड़ रुपये था। भूमि अधिग्रहण और बैंक ऋण अदायगी पर इस वर्ष 4,344.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
नागरिक सुविधाओं के लिए कॉर्पस फंड
बोर्ड ने “YEIDA Corpus Fund Investment Regulation 2026-27” तैयार करने का निर्णय लिया। इसके तहत वन टाइम लीज रेंट और अन्य गैर-आवर्ती प्राप्तियों को अलग कॉर्पस फंड में रखा जाएगा। सुरक्षित निवेश से मिलने वाले ब्याज का उपयोग सड़कों, जलपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य नागरिक सुविधाओं के रख-रखाव व मरम्मत के लिए किया जाएगा। इससे वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक विकास
उत्तर प्रदेश मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के अनुरूप मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने और पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। इससे निवेश, रोजगार और आधुनिक सप्लाई-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में लगभग 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की योजना की समीक्षा की गई। मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया चल रही है। इससे एयरपोर्ट के आसपास सुनियोजित औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसमें क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए स्वीकृत बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना है, जिससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार और वैश्विक व्यापार के अवसर मिलेंगे।
औद्योगिक भूखंडों की प्रगति
4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 औद्योगिक भूखंडों में से 181 पर लीज डीड निष्पादित, 152 को कब्जा और 69 पर निर्माण शुरू हो चुका है। 13 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। सेक्टर-28 मेडिकल डिवाइस पार्क में 203 भूखंडों के सापेक्ष 123 आवंटित, 75 को कब्जा और 28 पर निर्माण शुरू। यहां 3डी प्रोटोटाइप लैब, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली, IoMT, बायोमटेरियल, कॉमन आईटी सुविधा और टूलिंग रूम जैसी आधुनिक सुविधाओं का विकास प्रगति पर है।
सेक्टर-29 अपैरल पार्क में 159, एमएसएमई पार्क में 503 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 188 भूखंड आवंटित हो चुके हैं। अपैरल पार्क में 110 तथा हैंडीक्राफ्ट पार्क में 83 आवंटियों को कब्जा मिल चुका है। सेक्टर-33 टॉय पार्क में 148 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। आवंटन से निर्माण और उत्पादन तक की प्रक्रिया तेज करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
अपशिष्ट प्रबंधन और किसानों के हित
एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सैनिटेशन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीपीआर तैयार करवाई गई है। “YEIDA Waste Management (Regulation & Control) Bye-Laws, 2026” का ड्राफ्ट तैयार कर ड्राफ्ट गजट नोटिफिकेशन के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इससे स्वच्छता, वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। अब तक 10,069 किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 4,978 भूखंड विभिन्न सेक्टरों में नियोजित हो चुके हैं। किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ देते हुए लगभग 3,142 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि वितरित की जा चुकी है।
भूमि क्रय प्रक्रिया में राहत
92वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार यीडा मास्टर प्लान फेज-1 (गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर) में आपसी सहमति से भूमि क्रय की नई दरें लागू की जा रही हैं—₹4,558 प्रति वर्गमीटर तथा एक्सप्रेसवे सहित ₹4,037 प्रति वर्गमीटर। 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का प्रावधान भी है। जिन किसानों ने पूर्व निर्धारित दरों पर सहमति दे दी थी लेकिन 20 अगस्त 2026 तक बैनामा नहीं करा सके, उनके लिए भी संशोधित नई दरों के अनुसार बैनामा निष्पादित कराया जाएगा। इससे लंबित मामलों का समाधान और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम जारी है। संशोधित ड्राफ्ट महायोजना तैयार की जा रही है, जो भूमि उपयोग और विकास संबंधी दिशा तय करेगी। ये फैसले यीडा क्षेत्र को औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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