अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच रविवार को दो अलग-अलग घटनाक्रमों ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं। एक तरफ फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी सख्त होती दिखी, वहीं जापान के मध्य भाग में आए मध्यम तीव्रता के भूकंप ने दर्जनों लोगों को घायल कर दिया।
ईरान नाकाबंदी: 11वां जहाज निष्क्रिय, होर्मुज में टैंकर धमाके
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को बताया कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक कार्गो जहाज M/V हुदा पर अमेरिकी विमानों ने गोलीबारी कर उसे निष्क्रिय कर दिया। यह जुलाई से शुरू हुई नाकाबंदी के बाद CENTCOM द्वारा निष्क्रिय किया गया 11वां जहाज है। जहाज के पिछले हिस्से (स्टर्न) पर मुनिशन दागे गए।
इसी दिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में दो ऑयल टैंकरों ने अवैध मार्ग अपनाते हुए नेविगेशन सिस्टम बंद किए और माइन से टकराकर विस्फोट हो गए। दोनों टैंकर आग की चपेट में आ गए। ईरानी मीडिया ने इस आरोप को प्रसारित किया।
इससे पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाध एयरपोर्ट और अरामको के तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों का दावा किया। सऊदी अधिकारियों ने अभी तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है। हूती प्रवक्ता ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन के इस्तेमाल का जिक्र किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को क़ेश्म द्वीप के पास कथित हमलों को “मामूली और रक्षात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौते पर कुछ प्रगति हुई है। ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हालिया बातचीत में ईरान मुद्दे पर चर्चा हुई थी। नेतन्याहू अमेरिकी मध्यवर्ती चुनावों के बाद नए हमलों पर जोर देते रहे हैं, जबकि ट्रंप कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं।
जून में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बावजूद वार्ता ठप है। फरवरी में अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों से शुरू हुए संघर्ष में ईरान के शीर्ष नेताओं समेत कई अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू कर रहा है, जबकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण जताता है। CENTCOM ने हाल ही में “टास्क फोर्स आयरन गेट” नामक 20 सदस्यीय टीम भी गठित की है, जो ईरान को जमीनी रास्तों से उन्नत हथियार पहुंचाने से रोकने के लिए काम करेगी।
जापान में 5.7 तीव्रता का भूकंप, 20 से अधिक घायल
वहीं पूर्वी एशिया में जापान के मध्य भाग में रविवार सुबह करीब 1:04 बजे (स्थानीय समय) 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार इसका केंद्र शिजूका प्रान्त के पश्चिमी हिस्से में करीब 40 किलोमीटर गहराई पर था। आइची प्रान्त के चिता में जापानी भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर ऊपरी 5 दर्ज किया गया। आइची, नागानो और गिफू प्रान्तों के कुछ हिस्सों में निचला 5 दर्ज हुआ।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आइची और शिजूका प्रान्तों में कम से कम 20 से अधिक लोग घायल हुए। ज्यादातर चोटें मामूली बताई गई हैं। कुछ दुकानों की खिड़कियां टूटीं, सामान शेल्फ से गिरे और स्थानीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। तोकाइडो शिनकांसेन बुलेट ट्रेनों की गति अस्थायी रूप से धीमी की गई, जो बाद में सामान्य हो गई।
हमाओका परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। एजेंसी ने सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया। सरकार ने संपर्क कार्यालय स्थापित किया। मौसम एजेंसी ने कहा कि इस भूकंप का नानकाई ट्रफ महाभूकंप से जुड़ाव की संभावना कम है।
ये दोनों घटनाक्रम अलग-अलग क्षेत्रों के हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और भू-राजनीतिक तनाव की याद दिलाते हैं। ईरान मोर्चे पर अमेरिकी नाकाबंदी और हूती दावे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा रहे हैं, जबकि जापान का भूकंप प्राकृतिक आपदा के प्रति सतर्कता का संदेश देता है।
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