शारदा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी में वेतन कटौती से श्रमिक नाराज, आंदोलन की धमकी

शारदा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी में पीएफ और श्रमिकों के वेतन से मनमाने ढंग से कटौती के खिलाफ रोष भरा माहौल बना हुआ है। 50-60 से अधिक कर्मचारियों के सैलरी से 1000-1000 रुपये काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे कर्मचारी आक्रोशित हो गए हैं। सुबह हुई मीटिंग में कोई समाधान न निकलने पर श्रमिकों ने आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे दी है।

कर्मचारियों के अनुसार, जिनकी मासिक सैलरी मात्र 9000 रुपये है, उनके वेतन से भारी कटौती की गई है। एक पीड़ित श्रमिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमारी मेहनत की कमाई पर इस तरह डाका डालना अन्याय है। प्रबंधन ने कोई ठोस वजह नहीं बताई।” घटना की जानकारी मिलने के बाद परिसर में तनाव का माहौल है, और कर्मचारी अब यूनियन के नेतृत्व में एकजुट हो रहे हैं।

यह मामला तब तूल पकड़ गया जब आज सुबह स्कूल ऑफ फार्मेसी के अधिकारियों ने कर्मचारियों की मीटिंग बुलाई। मीटिंग में वेतन कटौती के कारणों पर स्पष्टता न आने से गुस्सा भड़क गया। एक वरिष्ठ कर्मचारी ने कहा, “प्रबंधन ने केवल आश्वासन दिया, लेकिन कोई लिखित समाधान नहीं। अब हम सड़क पर उतरेंगे।” शारदा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने फोन पर बातचीत में कहा, “यह आंतरिक मामला है, जल्द ही हल हो जाएगा।” हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि यदि 24 घंटे के अंदर कटौती वापस न हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे।

ग्रेटर नोएडा में उच्च शिक्षण संस्थानों में श्रमिकों के शोषण के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। स्थानीय श्रम संगठनों ने इस घटना का संज्ञान लिया है और समर्थन की घोषणा की है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने का भरोसा दिलाया है। मामला विकसित होता रहेगा, जिसकी अपडेट्स आगे मिलेंगी।

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