पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की सुनियोजित हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। यूपी से तीन शार्पशूटर्स को गिरफ्तार किया गया है और गिरफ्तारी के बाद तीनों को रात में ही कोलकाता लाया गया। आज (11 मई) को इनकी पेशी बारासात कोर्ट में होगी।
कैसे हुई थी हत्या?
6 मई की रात 10 बजे से 10 बजकर 10 मिनट के बीच चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो की अगली सीट पर बैठे थे। हमलावरों ने पहले एक सिल्वर रंग की निसान माइक्रा से उनकी SUV को रोका, फिर बाइक सवार बदमाशों ने बंद शीशे के उस पार से बिल्कुल करीब से उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए। चंद्रनाथ के ड्राइवर को भी गोली लगी और उसे कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के बक्सर जिले के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव का नाम सामने आया है, जबकि दो अन्य उत्तर प्रदेश से हैं। तीसरे आरोपी राज सिंह को अयोध्या के नगर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-गोरखपुर हाईवे से गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इनमें से एक शार्पशूटर है।
UPI पेमेंट से मिला सुराग, डिजिटल ट्रैकिंग से पकड़ाए
आरोपियों की गिरफ्तारी तब संभव हो सकी जब पुलिस ने कोलकाता के निकट बाली टोल बूथ पर हत्यारों द्वारा किए गए UPI भुगतान को ट्रेस किया। इसके बाद SIT के सदस्यों को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया, जहां तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर गिरफ्तारी संभव हो सकी।
सुनियोजित साजिश — 72 घंटे की रेकी
पुलिस के मुताबिक इस हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। जांच से यह भी पता चला है कि हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाने से पहले 72 घंटे तक बारीक रेकी की थी। हमले में इस्तेमाल बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
राजनीतिक बवाल — BJP और TMC आमने-सामने
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि अगर चंद्रनाथ रथ उनके लिए काम न करते तो शायद उनकी हत्या न होती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हत्या में सुपारी किलर शामिल थे। अधिकारी ने यह भी कहा कि रथ को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे उनके करीबी थे और उनकी वजह से ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार मिली थी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि “पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस जांच कर रही है और सही दिशा में आगे बढ़ रही है।”
आगे की जांच
तीनों आरोपियों को बारासात की एक जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां अभियोजन पक्ष साजिश, लॉजिस्टिक्स और संभावित मास्टरमाइंड के बारे में विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी की मांग करेगा। इस मामले की जांच के लिए IG CID की अगुवाई में SIT का गठन किया गया है, जिसमें IB और बंगाल STF के अधिकारी भी शामिल हैं। यह हत्याकांड पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के ठीक बाद हुआ है और राज्य में राजनीतिक हिंसा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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