सी ब्लॉक पार्क में लड़की के साथ दुर्व्यवहार की घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश, व्हाट्सएप ग्रुप पर उमड़ा लोगों का गुस्सा
गौतमबुद्धनगर के नोएडा सेक्टर-51 में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पुलिस पेट्रोलिंग की भारी कमी के चलते सेक्टर के पार्कों में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों ने अपना स्थायी अड्डा बना लिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब वे महिलाओं और युवतियों को खुलेआम परेशान करने से भी बाज नहीं आ रहे। मंगलवार को सी ब्लॉक पार्क में एक लड़की के साथ हुई छेड़खानी की घटना ने पूरे सेक्टर में डर और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। इस गंभीर स्थिति को लेकर आरडब्ल्यूए सेक्टर-51 के महासचिव श्री संजीव कुमार ने आज दिनांक 3 जून 2026 को थाना अध्यक्ष सेक्टर-49 नोएडा को एक विस्तृत शिकायत पत्र लिखा है। यह पत्र पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर, डीसीपी नोएडा, एसीपी-3 और चौकी इंचार्ज सेक्टर-51 को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है।
पार्क में लड़की के साथ दुर्व्यवहार, एक नागरिक ने बचाई लाज
आरडब्ल्यूए के पास पहुँची शिकायतों के अनुसार, आज सी ब्लॉक पार्क में कुछ युवकों ने एक लड़की के साथ जबरदस्ती और अभद्रता की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यदि होशियारपुर के एक सजग नागरिक ने समय रहते हस्तक्षेप न किया होता, तो घटना और अधिक गंभीर रूप ले सकती थी। उस नागरिक की सूझबूझ ने बड़े हादसे को टाल दिया।
नशेड़ियों का राज, गाली-गलौज, झगड़े — रोज़ की कहानी
सेक्टर के निवासियों ने आरडब्ल्यूए को लिखित शिकायत में बताया है कि सी ब्लॉक पार्क में कुछ असामाजिक तत्व लगातार उत्पात मचाते हैं। पार्क में आने वाली महिलाओं और युवतियों पर अभद्र टिप्पणियाँ करना, आपस में ऊँची आवाज में गाली-गलौज करना और नशा करना अब वहाँ आम बात हो चुकी है। टोकने पर ये लोग झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, जिस कारण परिवार, बुजुर्ग और बच्चे पार्क में जाने से डरने लगे हैं। गेट नंबर 12 के आसपास भी नशेड़ियों की बढ़ती संख्या निवासियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि सेक्टर-51 पहले भी विभिन्न समस्याओं को लेकर आरडब्ल्यूए और नोएडा प्राधिकरण के बीच चर्चा का विषय रहा है।
सिर्फ कागज़ों पर है पुलिस पेट्रोलिंग
शिकायत पत्र में आरडब्ल्यूए महासचिव ने पुलिस की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा कि रात्रि में मात्र साढ़े तीन से चार बजे के बीच पुलिस की एक गाड़ी सेक्टर में आती है, जो केवल गेट पर हस्ताक्षर करके चिल्ड्रन पार्क के टी-पॉइंट से ही वापस लौट जाती है। पूरे सेक्टर में घुसती ही नहीं। यानी पेट्रोलिंग का जो दिखावा होता है, वह भी महज खानापूर्ति तक सीमित है।गौरतलब है कि सेक्टर-51 आरडब्ल्यूए पहले भी ट्रैफिक, सीवर, नॉइस पॉल्यूशन समेत 18 से अधिक मुद्दों पर नोएडा प्राधिकरण तक अपनी आवाज पहुँचा चुकी है। बावजूद इसके सुरक्षा के मोर्चे पर ज़मीनी बदलाव नगण्य रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुप पर उमड़ा निवासियों का गुस्सा
घटना के बाद से आरडब्ल्यूए सेक्टर-51 के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर निवासियों की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। लोग अपना दर्द और आक्रोश लिखकर भेज रहे हैं। इन स्क्रीनशॉट को भी शिकायत पत्र के साथ पुलिस अधिकारियों को भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सेक्टर में भय और अव्यवस्था का माहौल किस हद तक पहुँच चुका है।
आरडब्ल्यूए ने रखी यह माँगें
आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव कुमार ने अपने पत्र में प्रमुख रूप से निम्न माँगें रखी हैं, सी ब्लॉक पार्क में आज की घटना का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए। सेक्टर में पुलिस पेट्रोलिंग में उल्लेखनीय वृद्धि की जाए। सुबह के समय चिल्ड्रन पार्क, सी ब्लॉक पार्क और मेघदूतम पार्क पर पुलिस जीप की तैनाती की व्यवस्था की जाए। नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्कों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ।
महिलाएँ घर से निकलने में डर रहीं
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि अब सुबह की सैर के लिए भी पार्क जाना मुश्किल हो गया है। एक निवासी महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम अपनी बेटियों को अकेले पार्क भेजना बंद कर चुके हैं। असामाजिक तत्वों की हरकतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं और पुलिस की कोई सुनवाई नहीं है।” उल्लेखनीय है कि नोएडा पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति-5.0 के तहत पिंक बूथ की स्थापना की है और यह दावा किया गया है कि महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता मिलेगी। लेकिन सेक्टर-51 जैसे आवासीय इलाकों में ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर नजर आती है।
पुलिस की चुप्पी पर सवाल
आरडब्ल्यूए के अनुसार, सेक्टर-51 की सुरक्षा को लेकर यह पहली शिकायत नहीं है। पहले भी लगातार अनुरोध किए जाते रहे हैं, लेकिन पुलिस विभाग की उदासीनता के कारण हालात सुधरने की बजाय बद से बदतर होते जा रहे हैं। खुद सेक्टर-51 स्थित होटल में जुए के अड्डे का हाल ही में भंडाफोड़ होना भी इस बात का संकेत है कि इलाके में अपराधिक गतिविधियाँ जड़ें जमा चुकी हैं।
क्या होगा आगे?
पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। निवासियों की नजरें थाना अध्यक्ष सेक्टर-49, डीसीपी नोएडा और पुलिस कमिश्नर पर टिकी हैं। आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे और कड़े कदम उठाने पर मजबूर होंगे। सेक्टर-51 के निवासी अब केवल एक ही सवाल पूछ रहे हैं — “हम टैक्स देते हैं, सुरक्षा माँगते हैं — क्या यह हमारा हक नहीं?”

