पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 एग्जिट पोल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दोनों चरणों के मतदान पूरा होने के बाद जारी एग्जिट पोल के नतीजों ने राज्य की राजनीति में सनसनी फैला दी है। अधिकांश एग्जिट पोल में बीजेपी को संकीर्ण बढ़त दिखाई गई है, जबकि कुछ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत का अनुमान लगाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी एग्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि उनकी पार्टी 200 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखेगी। दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में हुए मतदान में रिकॉर्ड 92.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पश्चिम बंगाल का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत है। कुल 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए। मतगणना 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और दोपहर तक परिणामों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
एग्जिट पोल में क्या कहते हैं आंकड़े?
विभिन्न एग्जिट पोल में परिणाम काफी विभाजित नजर आए:
पीपुल्स पल्स: टीएमसी 177-187, बीजेपी 95-110
जनमत: टीएमसी 195-205, बीजेपी 80-90
मैट्रिज न्यूज: बीजेपी 146-161, टीएमसी 125-140
पी-मार्क: बीजेपी 150-175, टीएमसी 118-138
चाणक्य स्ट्रैटेजीज: बीजेपी 150-160, टीएमसी 130-140
पोल डायरी: बीजेपी 142-171, टीएमसी 99-127
पोल ऑफ पोल्स में दोनों मुख्य दलों के लगभग 145-145 सीटें आने का अनुमान है, जबकि अन्य को 4 सीटें मिलने की संभावना जताई गई। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी 180 से ज्यादा सीटें जीतेगी और बंगाल में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता ममता बनर्जी के “कुप्रबंधन” से मुक्ति चाहती है।
ममता का पलटवार और भभानीपुर में ‘पहरा’
ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को “केवल अनुमान” बताते हुए कहा कि ये 2021 की तरह गलत साबित होंगे, जब ज्यादातर पोल टीएमसी की भारी जीत (215 सीटें) की भविष्यवाणी नहीं कर पाए थे। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं खुद भभानीपुर में पहरा दूंगी। कार्यकर्ता हर बूथ और काउंटिंग सेंटर पर सतर्क रहें।” उन्होंने ईवीएम और मतगणना में किसी भी तरह की अनियमितता या धांधली के आरोपों पर सख्त निगरानी की बात कही। टीएमसी सांसद सौगत रॉय और डेरेक ओ’ब्रायन ने भी एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। महुआ मोइत्रा ने याद दिलाया कि 2024 लोकसभा एग्जिट पोल भी गलत साबित हुए थे।
आम जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं
कोलकाता और राज्य के विभिन्न इलाकों में आम लोगों में उत्सुकता और चिंता दोनों दिख रही है। कई युवा मतदाताओं ने कहा कि “परिवर्तन की हवा” है, जबकि टीएमसी के पारंपरिक समर्थक (विशेषकर ग्रामीण इलाकों में) ममता दीदी के “मातृ शक्ति” और कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर #BengalExitPoll ट्रेंड कर रहा है। एक तरफ बीजेपी समर्थक “अबकी बार 180 पार” के नारे लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ टीएमसी कार्यकर्ता “200 पार” का दावा कर रहे हैं। कुछ नागरिकों ने कहा, “एग्जिट पोल तो सिर्फ टीआरपी के लिए होते हैं, असली फैसला 4 मई को जनता देगी।” मतदाताओं में वोटर लिस्ट से नाम कटने (SIR प्रक्रिया) को लेकर भी असंतोष दिखा, खासकर भभानीपुर में जहां 21 प्रतिशत वोटर प्रभावित हुए।
पृष्ठभूमि और आगे क्या?
2021 में टीएमसी ने 215 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं। इस बार मुकाबला द्विध्रुवीय (टीएमसी बनाम बीजेपी) रहा। टीएमसी ने कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया और कुछ बीजेपी छोड़कर आए नेताओं को मौका दिया। बीजेपी ने भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और विकास के मुद्दों पर जोर दिया।
चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना 4 मई को सुबह 8 बजे शुरू होगी। आधिकारिक परिणाम results.eci.gov.in और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। टीवी चैनल और यूट्यूब पर भी लाइव कवरेज होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव टीएमसी के लिए चौथी बार सत्ता बचाने और बीजेपी के लिए बंगाल में पैठ बनाने का निर्णायक मुकाबला साबित होगा। अंतिम नतीजे 4 मई को ही तय करेंगे कि बंगाल में “परिवर्तन” आता है या “दीदी” का किला फिर बचा रहता है।

