पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत छह निरीक्षकों एवं उपनिरीक्षकों (नाप0) को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है। जारी किए गए आदेश के अनुसार यह स्थानांतरण प्रशासनिक समायोजन एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार थाना साहिबाबाद के प्रभारी निरीक्षक श्री योगेन्द्र कुमार सिंह (पी.एन.नं. 002070054) को अब थाना लोनी का प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में इस तरह के फेरबदल प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि थाना लोनी इस समय विशेष रूप से चर्चा में है। हाल ही में लोनी थाना क्षेत्र में खरखड़ी मोड़ पर बेखौफ बदमाशों ने ओमकार नाम के एक युवक की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी, और हत्यारे शव को भी गाड़ी में भरकर फरार हो गए। इस मामले में लोनी थाना पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने तत्काल प्रभाव से लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को सस्पेंड कर दिया। इसी कारण यह स्थानांतरण और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
किसे कहाँ भेजा गया — पूरी सूची:
निरी0 रवेन्द्र गौतम (पी.एन. 132510024) — थाना इन्द्रापुरम से थाना साहिबाबाद प्रभारी निरीक्षक
निरी0 अजय कुमार (पी.एन. 102350078) — थाना मसूरी से थाना इन्द्रापुरम प्रभारी निरीक्षक
निरी0 हरेन्द्र मलिक (पी.एन. 972010670) — पुलिस लाइन्स से थाना मसूरी प्रभारी निरीक्षक
उ0नि0 कृष्ण कुमार मौर्य (पी.एन. 152513553) — थानाध्यक्ष निवाड़ी से थानाध्यक्ष मुरादनगर
उ0नि0 अंकित कुमार (पी.एन. 132510398) — थानाध्यक्ष मुरादनगर से थानाध्यक्ष निवाड़ी
रोटेशन नीति का उद्देश्य
इस व्यापक फेरबदल को पुलिस प्रशासन की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत एक ही थाने में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को बदला जाता है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अधीन कार्य करता है और इसके वर्तमान पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ (आईपीएस) हैं। गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निकट स्थित होने के कारण एक अत्यंत संवेदनशील जनपद है, जहाँ पुलिस प्रशासन की प्रभावशीलता का विशेष महत्त्व है। जिले में 25 से अधिक थाने स्थापित हैं। ऐसे में इन थानों में अनुभवी एवं सक्रिय अधिकारियों की तैनाती अत्यंत जरूरी है।
पुलिस महकमे में संदेश
जानकारों का मानना है कि लोनी जैसी घटनाओं के बाद यह फेरबदल पुलिस कमिश्नर की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें लापरवाही और निष्क्रियता के लिए कोई स्थान नहीं है। नए प्रभारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने थानों में सक्रियता के साथ जनसम्पर्क बनाते हुए कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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