एवियन-ले-बेन्स (फ्रांस), 17 जून 2026 – फ्रांस के एवियन-ले-बेन्स में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक नेताओं के समक्ष मजाकिया अंदाज में कहा, “आई एम द बॉस”। यह बयान सम्मेलन के माहौल को हल्का करने वाला रहा, लेकिन इसके साथ ही ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध के प्रति अपनी स्थिति में नरमी दिखाई, जबकि G7 नेताओं ने उनके ईरान समझौते का स्वागत किया और चीन की क्रिटिकल मिनरल्स पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। ट्रंप के इस बयान के दौरान G7 नेताओं ने यूक्रेन की बढ़ती सैन्य सफलताओं को स्वीकार करते हुए रूस के खिलाफ एकजुट समर्थन और नए प्रतिबंधों का वादा किया। संयुक्त बयान में यूक्रेन की बढ़ती ताकत को मान्यता दी गई, जो मॉस्को के साथ संभावित शांति वार्ताओं में कीव की मजबूत स्थिति को रेखांकित करता है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका और ट्रंप की स्थिति में रूस के प्रति कठोरता और युद्ध की वास्तविकता को समझने में परिवर्तन आया है। पिछले साल कनाडा में हुए G7 सम्मेलन में यूक्रेन पर संयुक्त रुख नहीं बन पाया था, लेकिन इस बार ट्रंप ने जेलेंस्की के तर्कों को स्वीकार करते हुए यूक्रेन की लड़ाई के परिणामों को महत्व दिया। हालांकि, ट्रंप की प्रतिबद्धताओं पर अभी सवाल बने हुए हैं, खासकर रूसी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर।
ईरान समझौते पर G7 का समर्थन, लेकिन ट्रंप का सख्त रुख
G7 नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते (MOU) का स्वागत किया और इसे लागू करने में मदद करने की तैयार घोषित की। ट्रंप ने रविवार को इस समझौते की घोषणा की थी, जिस पर शुक्रवार को हस्ताक्षर होने हैं। समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को विविधतापूर्ण बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह समझौता अंतिम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर मुझे पसंद नहीं आया या वे व्यवहार नहीं करेंगे, तो हम उनके सिर के बीच में बम गिराना शुरू कर देंगे।” उन्होंने ईरान को 47 वर्षों से गलत व्यवहार का जिम्मेदार ठहराया। ABC न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पहले हफ्ते में ही हरा दिया था और नौसैनिक ब्लॉकेड 100% प्रभावी रही। G7 ने लेबनान में युद्धविराम का भी स्वागत किया, जहां हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है। ट्रंप ने इजराइल से “अच्छा निर्णय” लेने की अपील की और कहा कि वे खुद की रक्षा कर सकते हैं लेकिन अनावश्यक नुकसान से बचना चाहिए।
चीन की खनिज पकड़ और आर्थिक असंतुलन पर फोकस
सम्मेलन के अंतिम दिन नेताओं ने चीन की क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे रेयर अर्थ्स) पर निर्भरता कम करने पर चर्चा की। फ्रांस इस दिशा में संयुक्त बयान पर जोर दे रहा है, जिसमें स्टॉकपाइलिंग, निवेशकों की सुरक्षा और चीन के बाहर सप्लाई चेन विकसित करने के उपाय शामिल हैं। बीजिंग के निर्यात प्रतिबंधों से कई उद्योग प्रभावित हुए थे। G7 वैश्विक व्यापार असंतुलनों पर भी चर्चा कर रहा है, जहां यूरोप चीन के व्यापार अधिशेष (लगभग 360 बिलियन यूरो) से चिंतित है। फ्रांस के अनुसार, “चीन बहुत ज्यादा उत्पादन करता है, अमेरिका बहुत ज्यादा उपभोग करता है और यूरोपीय बहुत कम निवेश करते हैं।” AI पर भी चर्चा हुई, जिसमें ओपनएआई और एंथ्रोपिक के CEO शामिल हुए।
समग्र प्रभाव
यह G7 सम्मेलन ट्रंप की विदेश नीति की सफलता का प्रतीक बनता दिख रहा है – ईरान युद्ध समाप्ति, यूक्रेन पर सख्त रुख और चीन पर सामूहिक दबाव। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात की और अतिरिक्त समर्थन की मांग की। हालांकि, यूरोपीय सहयोगी ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति से सतर्क हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यह सम्मेलन पश्चिमी एकजुटता को मजबूत करने और नई वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अंतिम परिणाम ट्रंप की प्रतिबद्धताओं पर निर्भर करेंगे। सम्मेलन में AI, आर्थिक सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी प्रगति हुई।

