दादरी पुलिस ने जेसीबी से हटवाए पत्थर, सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को उस वक्त हाहाकार मच गया जब दादरी थाना क्षेत्र के चकसेनपुर के निकट ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पर कुछ ओवरलोड डम्पर चालकों ने आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) की छापेमारी से बचने के लिए अपने वाहनों में लदे बड़े-बड़े पत्थर जैक की सहायता से सड़क पर पटक दिए। इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से हाईवे पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
अफरातफरी, लंबा जाम और घंटों परेशानी
अचानक सड़क पर विशाल पत्थर आ जाने से हाईवे पर अफरातफरी फैल गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई। हाईवे से गुजर रहे दर्जनों वाहन इन पत्थरों की चपेट में आ गए और उनके टायर पंचर हो गए। भीषण गर्मी के बीच यात्री घंटों तक हाईवे पर फंसे रहे और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गर्मी में सड़क किनारे फंसे लोगों की तकलीफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाईवे पर जहाँ-तहाँ वाहन रुके खड़े थे और पंचर मशीनें बुलाई जा रही थीं।
पुलिस ने जेसीबी से हटाए पत्थर, पंचर मशीन भी मंगाई
सूचना मिलते ही दादरी थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जेसीबी तथा कर्मचारियों की मदद से सड़क पर बिखरे भारी पत्थरों को हटाने का काम शुरू किया गया। पंचर से परेशान यात्रियों की सहायता के लिए मौके पर पंचर मशीन भी बुलवाई गई और पुलिस व ट्रैफिक टीम ने मिलकर वाहनों को निकाला, जिससे धीरे-धीरे हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।
यह घटना बन सकती थी बड़े हादसे की वजह
ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर अचानक पड़े भारी पत्थर किसी गंभीर दुर्घटना की वजह बन सकते थे, लेकिन पुलिस की समय पर कार्रवाई ने स्थिति को संभाल लिया। यदि किसी तेज रफ्तार वाहन या दोपहिए ने इन पत्थरों को रात के अंधेरे में या बेखयाली में टक्कर मारी होती, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।
सीसीटीवी से होगी चालकों की पहचान, होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अब सड़क पर पत्थर गिराने वाले ट्रक चालकों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
ओवरलोडिंग की समस्या बनी बड़ी चुनौती
यह घटना ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की बेलगाम आवाजाही की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। आरटीओ की टीम जब भी कार्रवाई करने निकलती है, ओवरलोड वाहन चालक बचाव के लिए इस तरह के खतरनाक तरीके अपनाने से भी नहीं चूकते। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर ओवरलोडिंग रोकने के लिए स्थायी चेकिंग व्यवस्था और कड़े दंड का प्रावधान जरूरी है, ताकि आम यात्रियों की जान से इस तरह का खिलवाड़ न हो सके।

