कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के तीन ई-रिक्शा भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से न केवल स्थानीय ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिली है, बल्कि यह नोएडा में बढ़ते वाहन चोरी के मामलों के खिलाफ पुलिस के अभियान की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण सफलता भी है।
गिरफ्तारी का ब्योरा
पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक एफएनजी गोलचक्कर के इलाके में संदिग्ध हालत में घूम रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना सेक्टर-63 की पुलिस टीम ने 10 मई 2026 को उक्त स्थान पर घेराबंदी की और तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अंकित यादव (22 वर्ष, निवासी ग्राम छिजारसी), शिवम नागर (21 वर्ष, निवासी ग्राम छिजारसी) तथा शशि भूषण ठाकुर (24 वर्ष, मूल निवासी बलिया, वर्तमान पता छिजारसी) के रूप में हुई।
अनोखा तरीका — बैटरी निकालकर फेरीवाले को बेची
पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर अलग-अलग इलाकों से तीन ई-रिक्शा चुराए और चोरी के तुरंत बाद वाहनों की महंगी बैटरियां निकाल लीं। ये बैटरियां उन्होंने रास्ते में एक फेरीवाले को औने-पौने दाम पर बेच दीं। बैटरी बिक्री से मिली रकम तीनों ने आपस में बराबर-बराबर बांट ली और उसे खाने-पीने तथा मनोरंजन में उड़ा दिया। बैटरियों के बाद ई-रिक्शाओं को बेचकर और पैसा कमाने की फिराक में थे कि इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
पृष्ठभूमि: छिजारसी बन रहा है अपराध का केंद्र?
गौरतलब है कि नोएडा के छिजारसी गांव से इससे पहले भी 7 मई 2026 को अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके कब्जे से 17 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद हुई थीं।  यह तथ्य यह सवाल खड़ा करता है कि इस गांव से लगातार अपराधी तत्वों की गिरफ्तारी हो रही है — क्या यहाँ कोई बड़ा वाहन चोरी नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है।
इसके अलावा, अप्रैल 2026 में ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में भी जीटी रोड के पास से ई-रिक्शा चोरी का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। इन घटनाओं की शृंखला बताती है कि ई-रिक्शा चोरी अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एक संगठित समस्या का रूप लेती जा रही है।
मुकदमा और कानूनी कार्रवाई
थाना सेक्टर-63 में मुकदमा संख्या 177/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) (चोरी) और 317(5) (संगठित चोरी) के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं और जल्दी पैसा कमाने की लालच में अपराध की राह पर चल पड़े। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़े हैं और इनके खाते में पहले से कोई और वारदात तो नहीं है। इस तरह के मामलों में पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों के संभावित आपराधिक इतिहास को खंगालना और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचना होती है।
ई-रिक्शा चालकों से अपील
पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े करें, अच्छी क्वालिटी के ताले का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। नोएडा पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी।

