Temple Donation Box Theft Scam: देश के पवित्र मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की राशि चोरी के घोटाले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में हालिया मामले में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित अधिकारी प्रमोद नौटियाल को SIT ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी और 80 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी हो चुकी है। इन घटनाओं ने पूरे देश में मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामला: पहली गिरफ्तारी
बद्रीनाथ मंदिर में 2 जुलाई को दान गिनाई के दौरान अनियमितताओं का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद BKTC ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। प्रारंभिक जांच में प्रमोद नौटियाल (BKTC चेयरमैन के निजी सहायक) पर 9 से 9:30 बजे के बीच बिना अनुमति दान राशि निकालने का प्रथम दृष्टया सबूत मिला। CCTV फुटेज में नौटियाल को नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे (10-12 हजार रुपये अनुमानित) छिपाते और गिनाई कक्ष से अपने ऑफिस के बीच बार-बार आवागमन करते देखा गया। BKTC ने उन्हें सस्पेंड कर दिया और FIR दर्ज कराई (सेक्शन 306 और 316(5) BNS)। Uttarakhand पुलिस की SIT ने 13 जुलाई को देहरादून से उन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है। CM पुष्कर सिंह धामी ने इसे ‘गौ हत्या के समान पाप’ बताया और उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।
अयोध्या राम मंदिर: संगठित घोटाला, 8 गिरफ्तार
इससे पहले जून 2026 में अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी का बड़ा घोटाला उजागर हुआ। ट्रस्ट को बैंक जमा राशि में कमी का संदेह होने पर हिडन कैमरे लगाए गए। SIT जांच में 70 से अधिक संदिग्ध घटनाएं सामने आईं।
मोडस ऑपरेंडी: गिनती स्टाफ CCTV कैमरों के सामने पीठ करके बैठते, 500 रुपये के नोटों के बंडल में अतिरिक्त नोट जोड़ते, फिर जेब, मोजे, पैंट और बाथरूम में छिपाते। आभूषण (कान की बाली, झुमके, पायल आदि) रिकॉर्डिंग से पहले ही गायब कर दिए जाते। अनुकल्प मिश्रा को मास्टरमाइंड बताया गया, जिनके रिश्तेदार लवकुश मिश्रा आदि शामिल थे।
8 गिरफ्तार: अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रामशंकर यादव (टिन्नू)। 80 लाख रुपये नकद बरामद। ट्रस्ट के Champat Rai और Anil Mishra ने नैतिक जिम्मेदारी लेते इस्तीफा दिया। अनुमानित नुकसान 7-7.5 करोड़ रुपये।
देशभर में अन्य मामले
देवास (MP): राम मंदिर से दानपेटी चोरी, 3 युवक गिरफ्तार (लगभग 2000 रुपये)। छत्तीसगढ़, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल आदि: छोटे-बड़े मंदिरों में दानपेटी तोड़कर चोरी, CCTV फुटेज में कैद कई घटनाएं। कुछ मामलों में पुजारी/कर्मचारी भी लापरवाही या संलिप्तता के आरोप में सस्पेंड। लुधियाना, दिल्ली आदि: मास्क्ड चोरों द्वारा रात में घुसपैठ।
ये घटनाएं मंदिरों में सुरक्षा, CCTV निगरानी, कर्मचारियों की फ्रिस्किंग, SOP का पालन और पारदर्शी गिनती प्रक्रिया की कमी को उजागर करती हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ दान देते हैं, लेकिन ऐसे घोटाले न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
विशेषज्ञों की राय: मंदिर प्रबंधन को आधुनिक सुरक्षा, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, थर्ड-पार्टी ऑडिट और कड़े बैकग्राउंड चेक की जरूरत है। सरकारें SIT जैसी जांचों को तेजी से आगे बढ़ाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। बद्रीनाथ और राम मंदिर जैसे प्रमुख धामों के मामले चेतावनी हैं। मंदिर भारत की सांस्कृतिक विरासत हैं—इनकी पवित्रता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। जांच जारी है, आगे और खुलासे संभव।

