Apple overtakes Nvidia: एपल ने एनवीडिया को पछाड़कर बनाई दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी, एआई बेट्स में आया शिफ्ट

Apple overtakes Nvidia: टेक दिग्गज एपल ने शुक्रवार को चिपमेकर एनवीडिया को पछाड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने का गौरव हासिल कर लिया। यह बदलाव निवेशकों के एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बेट्स में आए शिफ्ट को रेखांकित करता है, जहां अब सिर्फ हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस नहीं, बल्कि कंज्यूमर-फेसिंग AI, सर्विसेज और इकोसिस्टम पर भरोसा बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एपल का मार्केट कैप $4.88 ट्रिलियन पर पहुंच गया, जबकि एनवीडिया का $4.86 ट्रिलियन रह गया। एपल के शेयर स्थिर रहे, वहीं एनवीडिया के शेयरों में 3.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह एपल की अप्रैल 2025 के बाद पहली बार टॉप स्पॉट पर वापसी है। एनवीडिया जून 2025 से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई थी।

एआई रेस में एपल की स्मार्ट प्ले

विश्लेषकों का मानना है कि एपल को पहले AI रेस में पिछड़ने वाला माना जा रहा था क्योंकि कंपनी बड़े मॉडल्स विकसित करने पर भारी खर्च नहीं कर रही थी। लेकिन अब सेंटिमेंट बदला है। BRI Wealth Management के हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट टोनी मीडोज ने कहा, “एपल कैपेक्स इंटेंसिटी से कम प्रभावित है और सर्विसेज, इकोसिस्टम लॉक-इन तथा हार्डवेयर अपग्रेड्स के जरिए AI को बेहतर तरीके से मोनेटाइज कर सकती है। यह री-रेटिंग कमाई की स्थिरता पर भरोसे को दर्शाती है, न कि सट्टेबाजी पर।” एपल के सीईओ टिम कुक सितंबर में अपना पद छोड़ने वाले हैं और हार्डवेयर विशेषज्ञ जॉन टर्नस को सौंप रहे हैं। हाल ही में कंपनी ने Siri के लंबे समय से इंतजार किए गए ओवरहॉल को रोलआउट किया, जो AI रेस में गैप पाटने की दिशा में बड़ा कदम है। iPhone पर मौजूद पर्सनल डेटा को AI के लिए गोल्ड माइन माना जा रहा है, हालांकि प्राइवेसी चिंताएं चुनौती बनी हुई हैं।

एनवीडिया की स्थिति और व्यापक ट्रेंड

एनवीडिया ने अक्टूबर 2025 में पहली बार $5 ट्रिलियन मार्केट वैल्यूएशन पार किया था और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख लाभार्थी बना रहा। लेकिन जुलाई में चिप स्टॉक्स में आई अस्थिरता ने फिलाडेल्फिया सैमिकंडक्टर इंडेक्स को उसके पीक से 19% नीचे धकेल दिया। फिर भी, एनवीडिया AI स्पेंडिंग का बड़ा खिलाड़ी बना रहेगा और टॉप स्पॉट वापस हासिल कर सकता है। इस साल मेमोरी चिपमेकर्स जैसे माइक्रॉन टेक्नोलॉजी ($1 ट्रिलियन क्लब में शामिल) और SK Hynix ने भी मजबूत प्रदर्शन किया, जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर में मेमोरी की अहमियत को दिखाता है। निवेशक अब “मैग्नीफिसेंट सेवन” से आगे व्यापक नामों पर फोकस कर रहे हैं।

एपल की ताकत और चुनौतियां

एपल के शेयर इस साल “मैग्नीफिसेंट 7” में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। कंपनी ने लागत बढ़ोतरी को ऑफसेट करने के लिए प्राइस हाइक किए हैं, जो डिमांड पर असर डाल सकता है। लेकिन $100 बिलियन से ज्यादा सालाना फ्री कैश फ्लो, सर्विसेज ग्रोथ और आगामी iPhone लॉन्च (संभवतः फोल्डेबल मॉडल) कंपनी को मजबूत स्थिति में रखते हैं। विश्लेषक मानते हैं कि एपल की सस्टेनेबल ग्रोथ और कम कैपेक्स मॉडल इसे लंबे समय में मजबूत बनाता है। एनवीडिया और एपल के बीच यह रेस टेक सेक्टर की मैच्योरिटी और AI के व्यावहारिक एप्लीकेशन्स पर शिफ्ट को हाइलाइट करती है। मार्केट कैप आंकड़े ट्रेडिंग सेशन और सोर्स के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। निवेश सलाह नहीं है। यह रिपोर्ट रॉयटर्स और अन्य विश्वसनीय सोर्सेज से प्राप्त ताजा जानकारी पर आधारित है। बाजार की गतिशीलता के कारण स्थिति बदल सकती है।
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