रूस ने कीव पर ड्रोन-मिसाइलों से किया भयानक हमला, कम से कम 17 मरे, 90 से अधिक घायल 

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बुधवार रात से गुरुवार तड़के तक सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से भारी हमला बोला। इस हमले में कम से कम 17 लोग मारे गए और 90 से अधिक घायल हुए। कई आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें एक नौ मंजिला इमारत आंशिक रूप से ढह गई। यह साल 2026 में कीव पर अब तक का सबसे घातक हमलों में से एक है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी हमले में 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे गए। यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने 48 मिसाइलों और 476 ड्रोनों को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया, लेकिन 25 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन 33 स्थानों पर गिरे। हमला मुख्य रूप से कीव पर केंद्रित था, जहां रातभर विस्फोटों की आवाजें गूंजती रहीं और आकाश में इंटरसेप्शन मिसाइलों की लाइटें दिखाई दीं।

नागरिक क्षेत्रों पर असर:

कीव के मेयर विटाली क्लिट्शको ने बताया कि पूरे शहर में 20 से अधिक जगहों पर नुकसान हुआ, ज्यादातर आवासीय इलाकों में। एक एम्बुलेंस स्टेशन, वैज्ञानिक संस्थान, होटल और कई व्यावसायिक इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। एक स्थानीय निवासी इरीना प्लेखोवा ने बताया, “हमारा घर आग की चपेट में है। हमारा अपार्टमेंट अब नहीं बचा।” शहर में शुक्रवार को शोक दिवस घोषित किया गया है।

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया:

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमले के दौरान आयरलैंड की यात्रा बीच में छोड़कर वापस लौट आए। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि मिसाइलों में से आधी बैलिस्टिक थीं और हमला मुख्यतः कीव पर था। जेलेंस्की ने एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने खार्किव, सुमी, डनीप्रोपेत्रोव्स्क, जापोरिज्जिया और चेर्कासी क्षेत्रों में भी नुकसान की पुष्टि की।

रूस का दावा:

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह “बड़े पैमाने पर हमला” यूक्रेन द्वारा रूसी नागरिक बुनियादी ढांचे पर हाल के हमलों का जवाब था। मॉस्को का दावा है कि उसके हमले सैन्य, ऊर्जा सुविधाओं और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हमले की पूरी जानकारी दी गई है और रूस अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दबाव बढ़ाता रहेगा।

पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:

यह हमला यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों पर हाल के ड्रोन हमलों के बाद हुआ है, जिससे रूस में ईंधन संकट पैदा हो गया है। रूस अब भारत से पेट्रोल आयात कर रहा है। यूरोपीय संघ ने हाल ही में यूक्रेन को ड्रोन खरीद के लिए 39 अरब यूरो दिए हैं। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने हमले के बाद रूस पर और प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया। यूक्रेनी सेना ने जवाबी कार्रवाई में रूस के निज़नी नोवगोरोद क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और चार घायल हुए। यह संघर्ष अब चौथे साल में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति वार्ता की मांग कर रहा है। स्थिति अभी भी विकसित हो रही है और बचाव कार्य जारी है।

यह भी पढ़ें: दोस्ती के नाम पर धोखा, बर्थडे पार्टी का न्योता देकर बुलाया, शराब पिलाई और सीने में उतार दिया चाकू

यहां से शेयर करें