Rising heat and water crisis in the country: सरकार पर विपक्ष के हमले, अर्थव्यवस्था पर दबाव

Rising heat and water crisis in the country: देशभर में चल रही भीषण गर्मी और जल संकट ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, कई राज्यों में तापमान 45-47°C तक पहुंच गया है, जिससे जलाशयों का स्तर तेजी से गिर रहा है। विपक्षी दलों ने इस समस्या को केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की नाकामी से जोड़कर हमला बोला है, जबकि सरकार जल प्रबंधन और राहत कार्यों पर जोर दे रही है।  उत्तर भारत, मध्य भारत और महाराष्ट्र-गुजरात जैसे क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप सबसे ज्यादा है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में जल संकट गहरा गया है। कई इलाकों में पानी के टैंकरों पर लोगों की भीड़ लग रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन, कम वर्षा और बढ़ती मांग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। 35% से अधिक प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर आधे से नीचे पहुंच गया है।

मोदी-मेलोनी ‘मेलोडी’ पल वायरल, विपक्ष ने उठाया सवाल

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘पार्ले मेलोडी’ टॉफी उपहार में देने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मेलोनी ने इसे “बहुत अच्छी टॉफी” बताया। विपक्ष ने इसे “मजाक” करार देते हुए कहा कि जल संकट और अन्य समस्याओं के बीच सरकार प्रतीकात्मक कदमों पर ध्यान दे रही है।

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। 15 मई को ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद 19 मई को फिर करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। दिल्ली में पेट्रोल अब 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों (ईरान संकट के कारण) को इसका कारण बताया जा रहा है। सरकार ने चार साल बाद पहली बार कीमतें बढ़ाई हैं।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद

शिक्षा क्षेत्र में नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला विवादों में है। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी। CBI जांच चल रही है। लगभग 23 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। विपक्ष सरकार पर सख्ती से सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया। नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले दबाव में है। वर्तमान में 1 डॉलर की कीमत करीब 96 रुपये के आसपास है। वर्ष 2026 में औसत दर 92-93 के आसपास रही, लेकिन हालिया वैश्विक घटनाओं से दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगे और उतार-चढ़ाव संभव है, हालांकि 100 के पार जाने की तत्काल आशंका कम है।

शेयर बाजार में निवेशकों की स्थिति

शेयर बाजार में मिश्रित संकेत हैं। FII बिकवाली जारी है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने समर्थन दिया। Nifty 23,000-24,000 के आसपास घूम रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में आय वृद्धि और सुधार के साथ बाजार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, हालांकि अल्पावधि में अस्थिरता बनी रहेगी।

विशेषज्ञों की राय: जल संकट और गर्मी एक दीर्घकालिक चुनौती है, जिसके लिए बेहतर जल प्रबंधन, वृक्षारोपण और जलवायु अनुकूल नीतियों की जरूरत है। सरकार ने कहा है कि हीट एक्शन प्लान और अन्य उपाय चल रहे हैं। देश इस गर्मी के मौसम में बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रहा है। राहत और दीर्घकालिक समाधान दोनों पर फोकस जरूरी है। जनता उम्मीद करती है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर व्यावहारिक समाधान निकलेंगे।

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