बलूचिस्तान में बस खाई में गिरने से 40 लोगों की मौत, 8 घायल; ब्रेक फेल होने का संदेह

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में गुरुवार को एक भयानक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। झोब जिले के डाना सर (दाना सार) क्षेत्र में एक यात्री बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए। रॉयटर्स सहित विभिन्न समाचार एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, बस क्वेटा से पेशावर जा रही थी। इसमें महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री सवार थे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, तेज रफ्तार और ब्रेक फेल होने के कारण चालक बस पर काबू नहीं रख पाया। बस एक तेज मोड़ पर अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना की तफसील:
आरवाई न्यूज और अन्य स्थानीय स्रोतों के अनुसार, दुर्घटना शेरानी जिले के डाना सर इलाके में हुई। डीसी झोब हजरत वाली काकड़ ने शुरुआती जानकारी में १६ मौतों की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में मरने वालों की संख्या बढ़कर ४० तक पहुंच गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। रेस्क्यू टीमों को खाई से शव निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को झोब के जिला मुख्यालय अस्पताल और अन्य नजदीकी मेडिकल सुविधाओं में भर्ती कराया गया है। बलूचिस्तान के पहाड़ी इलाकों में सड़कें संकरी, घुमावदार और अक्सर खराब हालत की होती हैं। बारिश या यांत्रिक खराबी के कारण ऐसी दुर्घटनाएं आम हैं। इस बार भी ब्रेक फेलियर या ओवरस्पीडिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है।

सरकारी प्रतिक्रिया:
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रांतीय सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। एक जांच समिति गठित की गई है, जो दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाएगी। बलूचिस्तान में परिवहन सुरक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन व्यावहारिक सुधार कम ही दिखते हैं।

पिछली घटनाओं से तुलना:

बलूचिस्तान में बस दुर्घटनाएं कोई नई बात नहीं। मई 2024 में वाशुक जिले में एक बस खाई में गिरने से 28 लोगों की मौत हुई थी। जनवरी 2023 में लस्बेला में 40 से ज्यादा मौतें हुई थीं। इन घटनाओं में ज्यादातर मामलों में स्पीडिंग, खराब ब्रेक और खराब सड़कों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, वाहन रखरखाव और ड्राइवर ट्रेनिंग पर ध्यान देने की मांग को दोहराया है। स्थानीय लोग बेहतर सड़कों और सख्त नियमों की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसे हादसे भविष्य में रोके जा सकें।

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