ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का भव्य अंतिम संस्कार: तेहरान में लाखों श्रद्धालु, मेहबूबा मुफ्ती समेत विश्व नेता पहुंचे; युद्ध के बाद शांति वार्ता जारी 

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई का राज्य स्तरीय अंतिम संस्कार आज तेहरान के इमाम खोमेनी ग्रैंड मोसल्ला में शुरू हो गया है। फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में उनकी शहादत के चार महीने बाद आयोजित इस भव्य समारोह में लाखों ईरानी नागरिक और विश्व के 30 से अधिक देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि पूरे समारोह में 1.5 से 3.5 करोड़ श्रद्धालु भाग लेंगे, जो 1989 में आयातोल्लाह खोमेनी के अंतिम संस्कार से भी बड़ा हो सकता है।

खामेनेई 28 फरवरी 2026 को तेहरान स्थित अपने आवास पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में शहीद हो गए थे। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। युद्ध की शुरुआत में हुए इस हमले के बाद ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया, जिसमें ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक किया और क्षेत्रीय सहयोगियों (हिजबुल्लाह आदि) के जरिए जवाबी कार्रवाई की। युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित की, आर्थिक संकट पैदा किया और अंततः पाकिस्तान की मध्यस्थता में जून 2026 में इस्लामाबाद मेमोरेंडम के तहत सीजफायर और अप्रत्यक्ष वार्ता हुई। फिलहाल शांति वार्ता दोहा में जारी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।

अंतिम संस्कार की रूपरेखा:

समारोह 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा। तेहरान में शवयात्रा और पब्लिक व्यूइंग के बाद कदम क़ोम, इराक के शिया पवित्र स्थलों (नजफ और करबला) होते हुए 9 जुलाई को खामेनेई के गृहनगर मशहद के इमाम रजा श्राइन में दफन किया जाएगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें बसीज और आईआरजीसी के हजारों जवान तैनात हैं। गर्मी से निपटने के लिए स्प्रिंकलर और कूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

भारतीय कनेक्शन और मेहबूबा मुफ्ती की उपस्थिति:

इस मौके पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तेहरान पहुंची हैं। ईरान की ओर से विशेष निमंत्रण पर पहुंची मुफ्ती शिया नहीं होने के बावजूद इस समारोह में शामिल हो रही हैं। उन्होंने खामेनेई को “धारा के विपरीत खड़े होने वाला मसीहा” और “पीड़ितों के लिए संघर्ष करने वाले” नेता बताया। ट्वीट में उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की। मुफ्ती ने युद्ध के दौरान ईरान का समर्थन किया था, जिसे इस निमंत्रण का कारण माना जा रहा है। भारत की ओर से बिहार के गवर्नर और अन्य अधिकारी भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन, रूस और अन्य सहयोगी देशों के प्रतिनिधि भी पहुंचे हैं। कुल 90 से अधिक देशों के डेलिगेशन शामिल हो रहे हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर (खामेनेई के बेटे) मुज्तबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे।

राजनीतिक महत्व:

यह समारोह युद्ध के बाद ईरान की एकजुटता और नई नेतृत्व व्यवस्था को मजबूत करने का मौका है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय एकता की अपील की है। वहीं, क्षेत्रीय तनाव के बीच यह समारोह अमेरिका-इजराइल के लिए भी संदेश है। ईरान ने किसी भी “गलत कदम” का “निर्णायक जवाब” देने की चेतावनी दी है। खामेनेई 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और क्षेत्रीय प्रतिरोध की प्रतीक माने जाते थे। उनका निधन ईरानी क्रांति की एक युगांतकारी घटना है। समारोह के दौरान भावुक माहौल है और लाखों लोग भावुक होकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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