थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सब्सिडी लोन दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना में प्रयुक्त 24 मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए गए। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई महीनों से ग्रामीण और शहरी इलाकों में फर्जी वादों के जरिए सैकड़ों लोगों को चूना लगा रहा था।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और फर्जी वेबसाइट्स के माध्यम से पीड़ितों को संपर्क किया। वे PMEGP योजना के नाम पर 50 हजार से लेकर 25 लाख रुपये तक के सब्सिडी लोन का लालच देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य नामों से 10-10 हजार रुपये वसूलते थे। ठगी की शिकायतें बढ़ने पर बिसरख थाना और साइबर सेल ने गुप्त जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर बुधवार रात को दादरी क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां गिरोह के सरगना सहित 6 सदस्यों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व भूमिका
राहुल शर्मा (सरगना): गिरोह का मास्टरमाइंड, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला।
अमित कुमार: कॉल सेंटर संचालक, पीड़ितों को फोन कर लोन का झांसा देता।
प्रिया गुप्ता: सोशल मीडिया हैंडलर, फर्जी विज्ञापनों का प्रबंधन।
विकास सिंह: बैंक खातों का संचालन, ठगी का पैसा ट्रांसफर करने वाला।
राजेश वर्मा और संजय यादव: सहयोगी, दस्तावेज जुटाने व पीड़ितों से मिलने वाले।
कब्जे से बरामद 24 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, फर्जी PMEGP लोन एप्लीकेशन फॉर्म, बैंक पासबुक और डिजिटल वॉलेट डिटेल्स पुलिस को ठगी के नेटवर्क का पूरा सुराग दे रही हैं। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने 50 से अधिक पीड़ितों की पहचान स्वीकार की है, जिनमें ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के लोग शामिल हैं। ठगी की राशि करोड़ों में बताई जा रही है।
पुलिस का बयान व आगे की कार्रवाई
एसएसपी ग्रेटर नोएडा ने बताया, “यह कार्रवाई पीड़ितों की शिकायतों पर आधारित थी। हम साइबर ठगों के खिलाफ सतत अभियान चला रहे हैं। पीड़ित लोग थाना बिसरख या साइबर सेल से संपर्क कर सहायता ले सकते हैं।” अभियुक्तों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी) और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब अंतरराज्यीय लिंकेज की जांच कर रही है, क्योंकि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से बाहर भी फैला हुआ था। यह घटना PMEGP जैसी केंद्रीय योजनाओं के नाम पर हो रही ठगी को उजागर करती है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि लोन या सब्सिडी के नाम पर किसी भी संदिग्ध से पैसे न दें और आधिकारिक पोर्टल kviconline.gov.in से ही आवेदन करें।

