आज से ठीक 50 साल पहले, 17 अप्रैल 1976 को जब न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (NOIDA) की स्थापना हुई थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यमुना और हिंडन के बीच का यह रेतीला इलाका दुनिया के नक्शे पर एक ‘ग्लोबल सिटी’ बनकर उभरेगा। आज नोएडा न केवल उत्तर प्रदेश का ‘शो-विंडो’ है, बल्कि विकास की एक ऐसी गाथा है जिसे देख दुनिया दंग रह जाती है।
1. औद्योगिक क्रांति से ‘आईटी हब’ तक
नोएडा की शुरुआत छोटे उद्योगों (Small Scale Industries) के लिए हुई थी, लेकिन 90 के दशक के आर्थिक उदारीकरण ने इसकी किस्मत बदल दी।
- इलेक्ट्रॉनिक सिटी: आज नोएडा मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र है। सैमसंग जैसी दिग्गज कंपनियों की दुनिया की सबसे बड़ी यूनिट यहीं स्थित है।
- सॉफ्टवेयर का गढ़: एचसीएल (HCL), एडोब (Adobe) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों ने नोएडा को बेंगलुरु और हैदराबाद के बराबर लाकर खड़ा कर दिया है।
2. शॉपिंग और लाइफस्टाइल: ‘मॉल्स का शहर’
नोएडा में शॉपिंग का अनुभव किसी भी अंतरराष्ट्रीय शहर से कम नहीं है।
- डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया: देश के सबसे बड़े मॉल्स में से एक, जिसने नोएडा को रिटेल सेक्टर का बादशाह बनाया।
- सेक्टर 18 (अट्टा): इसे नोएडा का ‘कनॉट प्लेस’ कहा जाता है, जहाँ ब्रैंडेड शोरूम्स और नाइटलाइफ़ का बेजोड़ संगम है।
- गार्डन गैलेरिया और भूटानी : इन केंद्रों ने मनोरंजन और खान-पान के मामले में दिल्ली-गुड़गांव को कड़ी टक्कर दी है।
3. शिक्षा और स्वास्थ्य: हर घर तक पहुँच
नोएडा ने ईंट-पत्थरों के साथ-साथ ‘इंसानी भविष्य’ को भी संवारा है।
- शिक्षा: एमिटी यूनिवर्सिटी, शिव नादर यूनिवर्सिटी और जेपी जैसे संस्थानों ने नोएडा को एजुकेशन हब बना दिया है। वहीं, पाथवेज और स्टेप-बाय-स्टेप जैसे स्कूलों ने स्कूली शिक्षा के मानक ऊंचे किए हैं।
- स्वास्थ्य: फोर्टिस, मैक्स, जेपी और यथार्थ जैसे मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों के साथ नोएडा ‘मेडिकल टूरिज्म’ का भी बड़ा केंद्र बन चुका है।
4. बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
नोएडा की सफलता के पीछे उसका बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है:
- मेट्रो रेल: दिल्ली और ग्रेटर नोएडा से शानदार मेट्रो कनेक्टिविटी।
- एक्सप्रेसवे: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे ने दिल्ली को सीधे आगरा और लखनऊ से जोड़ दिया है।
- जेवर एयरपोर्ट: नोएडा के 50वें साल में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण इस शहर के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
50 साल, बेमिसाल
1976 में एक प्रशासनिक निर्णय के रूप में जन्मा यह शहर आज लाखों लोगों को रोजगार और घर दे रहा है। ऊँची इमारतें, शानदार पार्क (जैसे ओखला बर्ड सेंचुरी और बॉटनिकल गार्डन), और चौड़ी सड़कें इस बात का गवाह हैं कि इच्छाशक्ति हो तो 50 साल में एक बंजर ज़मीन को भी स्वर्ग बनाया जा सकता है।
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