नोएडा: शहर के औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों के आस-पास स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में अवैध नशीले पदार्थों (स्मैक) की बिक्री एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-9 के बी-ब्लॉक स्थित झुग्गियों के पास छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने स्मैक बेचने वाले तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पीकेट हटाने के बाद फिर शुरू हुआ अवैध धंधा
स्थानीय सूत्रों और पूर्व के घटनाक्रमों के अनुसार, सेक्टर-9 का बी-ब्लॉक क्षेत्र लंबे समय से नशा तस्करों के रडार पर रहा है। कुछ महीने पहले तक इस क्षेत्र में स्मैक की बिक्री और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस की एक विशेष पीकेट (सुरक्षा चौकी) भी तैनात की गई थी। पीकेट के रहने के दौरान इस अवैध धंधे पर काफी हद तक लगाम लगी हुई थी, लेकिन बाद में पीकेट हटने का फायदा उठाकर तस्करों ने फिर से इस क्षेत्र में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए। झुग्गी बस्तियों के तस्कर स्थानीय युवाओं और दिहाड़ी मजदूरों को निशाना बनाकर उन्हें इस जानलेवा लत का शिकार बना रहे हैं।
थाना प्रभारी के बदलते ही पुलिस एक्शन मोड में
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र की कानून व्यवस्था की कमान नए हाथों में सौंपी गई है। थाना फेज वन के प्रभारी अमित मान का हाल ही में तबादला हो चुका है, जिसके बाद अब धर्मेंद्र शुक्ला को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। कार्यभार संभालते ही नए थाना प्रभारी के सामने इस क्षेत्र में बढ़ रहे नशे के जाल को पूरी तरह से ध्वस्त करना एक बड़ी चुनौती साबित होगा। माना जा रहा है कि सेक्टर-9 में हुई यह ताजा छापेमारी इसी नई रणनीति और मुस्तैदी का हिस्सा है।
नए प्रभारी के सामने चुनौतियां और आगे की राह
विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा के इन संवेदनशील इलाकों में केवल छोटे पैडलर्स (सप्लायर्स) ही सक्रिय नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है जो बाहरी राज्यों या जिलों से स्मैक लाकर यहां खपाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नए थाना प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ला के लिए इस चुनौती से निपटना बेहद जरूरी है। खरीदारों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
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सेक्टर-9 बी-ब्लॉक जैसी संवेदनशील जगहों पर दोबारा पुलिस पीकेट स्थापित की जाए।
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झुग्गियों के आस-पास गश्त (पेट्रोलिंग) को और अधिक तेज किया जाए।
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नशे के मुख्य सौदागरों (माफियाओं) तक पहुंचने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए।
फिलहाल, पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।

