नोएडा। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के काम में लगे करीब 1100 सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने वाली एजेंसी के सभी यार्ड पर धरना दिया और नारेबाजी करते हुए एक भी गाड़ी को यार्ड से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके चलते घरों, आवासीय सोसाइटियों और बाजारों से कूड़ा नहीं उठ सका। दो दिनों से जमा हो रहे कूड़े की गंदगी और बदबू से आम नागरिक परेशान हो गए हैं। सेक्टर 27 के घरों में भी गंदगी का अबार लगा है। अध्यक्ष राजीव गर्ग ने बताया कि कई बार शिकयत के बाद भी समस्याओं का हल नही हो पा रहा है।
1500 रुपये वेतन वृद्धि का वादा, पर अमल नहीं
संघ के नगर अध्यक्ष साधू मकवाना ने बताया कि कुछ समय पहले एजेंसी की ओर से 1500 रुपये प्रतिमाह वेतन वृद्धि का वादा किया गया था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया। वेतन वृद्धि समेत अन्य लंबित मांगों के पूरा होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया गया है।
कर्मचारी ने शुरू की भूख हड़ताल, और भी तैयार
मकवाना ने बताया कि मंगलवार को धरनास्थल पर एक कर्मचारी ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में और कर्मचारी भी भूख हड़ताल पर बैठने की तैयारी में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के किसी अधिकारी ने कर्मचारियों से कोई वार्ता नहीं की, जिससे कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है।
प्राधिकरण बोला — जल्द बहाल होगी व्यवस्था
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि दोनों महाप्रबंधकों को कर्मचारियों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही हड़ताल खत्म कराकर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पुनः बहाल की जाएगी। हड़ताल अगर जल्द नहीं टूटी तो शहर में स्वच्छता की स्थिति और बिगड़ सकती है। नागरिकों की नजर अब प्राधिकरण और कर्मचारी संघ के बीच होने वाली वार्ता के नतीजे पर टिकी है।

