राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार की सुबह एक भीषण अग्निकांड ने दहशत फैला दी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी स्थित बहुमंजिला ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में बुधवार की सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक अग्निकांड में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 38 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आग लगने का समय और सूचना
दिल्ली फायर सर्विस की टीम को मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। आग की गंभीरता को देखते हुए सुबह करीब 9:16 बजे घटना को ‘मेक-4’ घोषित किया गया और अतिरिक्त फायर यूनिट्स को बुलाया गया।
बेसमेंट से उठी आग की लपटें
बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के बेसमेंट से यह आग लगनी शुरू हुई। देखते ही देखते आग की लपटें पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गईं, जिससे इमारत में मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। धुएँ और लपटों के बीच कई लोग अंदर ही फँसे रह गए।
दमकल विभाग का ऑपरेशन
सूचना मिलते ही दस दमकल गाड़ियाँ तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। दमकलकर्मी इमारत के बेसमेंट में घुसे और फँसे हुए लोगों को बाहर निकाला। बचाए गए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया।
दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों की मौजूदगी
AAP नेता सोमनाथ भारती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में सुबह करीब 8:30 बजे भीषण आग लगी और इसमें मुख्यतः दक्षिण अफ्रीकी नागरिक फँसे हो सकते हैं। यह जानकारी घटना को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी दे रही है, जिसके बाद विदेश मंत्रालय भी सतर्क हो गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासन की सक्रियता
घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल सेवा और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि मालवीय नगर रेस्टोरेंट अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 से अधिक हो गई।
पृष्ठभूमि: दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाएँ
वर्ष 2026 में जनवरी से 15 अप्रैल के बीच दिल्ली में अब तक 36 लोगों की आग लगने की घटनाओं में मौत हो चुकी थी, और अब मालवीय नगर का यह हादसा इस साल का सबसे बड़ा अग्निकांड बन गया है। दिल्ली में लगभग 70-80% आग की घटनाएँ बिजली के शॉर्ट सर्किट, पुराने तारों और क्षमता से अधिक बिजली के उपयोग के कारण होती हैं। इसके अलावा अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में अक्सर 20 से 30 मिनट की देरी हो जाती है।
फायर NOC का सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में रेस्टोरेंट और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अग्नि विशेषज्ञों का कहना है कि बेसमेंट में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण और निकासी के रास्तों की कमी ऐसी त्रासदियों की मुख्य वजह बनती है। घटना की जाँच जारी है। मृतकों और घायलों की संख्या में और बदलाव हो सकता है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवज़े की घोषणा की है।

