जंतर-मंतर हमला: निशु आजाद के पिता के आरोपी पर राहुल गांधी का एक्शन, बोले- “न्याय मिलने तक नहीं रुकेंगे”

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दलित छात्रा और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले का मामला अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंच गया है। निशु ने गुरुवार को आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राहुल गांधी से मदद मांगी। राहुल ने तुरंत समर्थन देते हुए कहा कि वे निशु के साथ हैं और न्याय मिलने तक नहीं रुकेंगे। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोपी को बचाने का आरोप भी लगाया।

घटना 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। CJP अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से 25 जुलाई तक 36 दिनों तक धरना दे रही थी। निशु आजाद और उनके परिवार इस आंदोलन में शुरू से शामिल थे। निशु के अनुसार, वीडियो शूटिंग के दौरान कुछ लोगों ने उनके पिता पर हमला कर दिया। सिर पर कड़े या तेज वस्तु से चोट लगी। निशु का आरोप है कि पिता को 60 टांके लगाने पड़े और हालत गंभीर हो गई थी।

मामला फिर से गरमाया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें भारद्वाज कथित तौर पर खुद कबूल करते नजर आते हैं कि उन्होंने निशु के पिता का सिर फोड़ा था। उन्होंने दावा किया कि धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगनी चाहिए थी, पीड़ित को 60 टांके लगे थे और वे एंबुलेंस में लगभग मरने की स्थिति में थे। फिर भी वे अगले दिन बाहर आ गए और जेल नहीं गए। भारद्वाज ने राजनीतिक रसूख का हवाला देते हुए कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और यहां तक कि प्रधानमंत्री का नाम लेकर “आशीर्वाद” का दावा किया।

निशु ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “स्वतंत्र भारद्वाज खुद कबूल कर रहा है कि उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था। उसके ऊपर धारा 307 लगनी चाहिए। हमने घटना के समय ही FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही। दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है। अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से है। प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए।” उन्होंने कहा कि ऐसे लोग खुलेआम घूम रहे हैं और अपनी गलती गर्व से बता रहे हैं।

निशु की अपील के कुछ घंटों बाद राहुल गांधी ने एक्स (ट्विटर) पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि निशु अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। राहुल ने अमित शाह को टैग करते हुए पूछा कि आरोपी के खिलाफ अब कार्रवाई होगी या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम निशु के साथ हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम रुकेंगे नहीं।” राहुल के समर्थन के बाद निशु ने कहा कि बड़े नेता का साथ मिलने से भरोसा बढ़ा है और अब आरोपी को जेल भेजे जाने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस का रुख अलग है। पुलिस के अनुसार, 23 जून को प्रदर्शन के दौरान हाथापाई में गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर पर एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी। RML अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे मामूली चोट बताया। सिर फूटने और 60 टांकों की खबरों को पुलिस ने अफवाह करार दिया। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में संजय के बयान पर केस दर्ज हुआ। सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और कानूनी नोटिस दिए गए। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

यह मामला CJP आंदोलन की व्यापक पृष्ठभूमि में आता है। आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप और कई हिंसक घटनाएं सामने आई थीं। राहुल गांधी पहले भी घायल छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा चुके हैं। स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल बयान ने अब राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। विपक्ष इसे राजनीतिक संरक्षण का मामला बता रहा है, जबकि पुलिस कानूनी प्रक्रिया का हवाला दे रही है। निशु आजाद भीम आर्मी से जुड़ी रही हैं और छात्रों के अधिकारों के मुद्दे पर सक्रिय हैं। उनके पिता संजय कुमार भी प्रदर्शन में नियमित रूप से शामिल होते रहे। इस घटना ने एक बार फिर दलित परिवारों पर हमले और कानूनी कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी के समर्थन के बाद अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस आरोपी के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाती है।

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