दिल्ली सरकार ने महिलाओं की बस यात्रा को और सुगम बनाने के लिए ‘पिंक टिकट’ प्रणाली को अपग्रेड करते हुए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ को अनिवार्य कर दिया है। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से पूरे दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में लागू हो जाएगी। इसी क्रम में, प्रदूषण के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए निर्माण स्थलों पर डस्ट स्क्रीन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके उल्लंघन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिवहन मंत्री ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का नया माध्यम होगा। अब तक ‘पिंक टिकट’ पर निर्भर महिलाओं को अब यह स्मार्ट कार्ड लेना होगा, जो डिजिटल रूप से यात्रा रिकॉर्ड रखेगा और यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा। दिल्ली सरकार के अनुसार, यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कार्ड कैसे बनवाएं?
12 वर्ष से अधिक आयु की दिल्ली निवासी महिलाएं आधार कार्ड के माध्यम से नजदीकी बस डिपो या एसडीएम कार्यालय में जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकती हैं। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होगी और कार्ड तत्काल जारी किया जाएगा। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्ड केवल दिल्ली के मूल निवासियों के लिए ही मान्य होगा, जिसकी जांच आधार और निवास प्रमाण के जरिए की जाएगी। प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 से अब तक लाखों महिलाओं ने पिंक टिकट का लाभ उठाया है, और नई प्रणाली से यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। दूसरी ओर, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए निर्माण स्थलों पर ‘डस्ट स्क्रीन’ लगाना अनिवार्य कर दिया है। दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएQm) के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। हाल के सर्वे में पाया गया कि निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल ही दिल्ली के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है, खासकर गर्मियों में। उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही निर्माण कार्य रोकने की कार्रवाई भी हो सकती है।
पिछले हफ्ते ही डीपीसीसी ने 150 से अधिक निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया, जिसमें 40 जगहों पर डस्ट स्क्रीन की कमी पाई गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ग्रीष्मकालीन मानसून से पहले सभी निर्माण इकाइयों को निर्देशों का पालन करना होगा। पर्यावरण मंत्री ने कहा, “दिल्ली की हवा को साफ रखना हमारी प्राथमिकता है। धूल नियंत्रण से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में सुधार होगा।” ये दोनों फैसले दिल्ली सरकार की ‘महिलाओं के सशक्तिकरण’ और ‘स्वच्छ पर्यावरण’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। जनता से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं का लाभ लें और प्रदूषण रोकने में सहयोग करें।

