सादे कपड़ों में सीक्रेट ऑपरेशन, रात 11:30 बजे हुई गिरफ्तारी कॉर्पोरेट जिहाद कांड में नया मोड़, नासिक के बहुचर्चित TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) कॉर्पोरेट जिहाद एवं जबरन धर्मांतरण कांड में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को नासिक क्राइम ब्रांच ने गुरुवार (7 मई) की रात छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया। करीब एक माह तक पुलिस को चकमा देती रही यह आरोपी अब कानून की गिरफ्त में है।
सीक्रेट ऑपरेशन : न वर्दी, न सायरन — बॉलीवुड स्टाइल में हुई गिरफ्तारी
नासिक पुलिस ने निदा खान को गिरफ्तार करने के लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके के एक फ्लैट में छिपी इस आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस सादे कपड़ों और प्राइवेट कारों में अपनी पहचान छिपाकर अंदर घुसी। इस सर्जिकल स्ट्राइक ने बिना किसी शोर-शराबे के निदा खान को संभलने और भागने का मौका ही नहीं दिया। रात करीब 11:30 बजे पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले उसका मेडिकल और हेल्थ चेक-अप कराया गया। गिरफ्तारी के बाद निदा को थाने ले जाने पर माहौल बिगड़ने की आशंका थी, नासिक पुलिस ने जज के आवास पर पेश किया जहा 11 मई 2026 तक की पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेज दिया है। वहां से ट्रांजिट रिमांड मंजूर कराने के बाद उसे रातों-रात नासिक ले जाया गया। आधे सफर में आरोपी को 15 सेकंड में एक कार से दूसरी कार में शिफ्ट किया गया, ताकि कोई पुलिस का पीछा न कर सके।
AIMIM पार्षद ने दी थी पनाह — FIR दर्ज, हिरासत में
नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने खुलासा किया कि स्थानीय कॉर्पोरेटर ने आरोपी को शरण दी थी। AIMIM पार्टी के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल पर निदा खान को नारेगांव के कौसर पार्क एरिया में छिपने के लिए जगह देने का आरोप है। इस मामले में पटेल के खिलाफ नासिक पुलिस ने BNS की धारा 249 के तहत FIR दर्ज की है। निदा की गिरफ्तारी के बाद मतीन पटेल को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अब मतीन पटेल से पूछताछ करेगी और यह जानने की कोशिश करेगी कि निदा की मदद करने के पीछे कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं थी।
कहां छिपी थी निदा खान?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक निदा खान पिछले कई दिनों से कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में रह रही थी। हैरानी की बात यह रही कि उसके साथ उसके चार रिश्तेदार भी उसी फ्लैट में मौजूद थे। दूसरे आरोपी दानिश शेख के मोबाइल पर चैट और कॉल रिकॉर्ड से निदा के संभाजीनगर में होने की पुष्टि हुई। यही तकनीकी सुराग उसकी गिरफ्तारी में निर्णायक साबित हुआ।
क्या है पूरा मामला?
नासिक स्थित TCS के कॉर्पोरेट जिहाद मामले में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगे हैं। निदा खान TCS नासिक में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम करती थी, और आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया था। नासिक पुलिस की SIT ने 9 FIR दर्ज करके 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान फरार थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों ने पीड़ितों को एक विशेष धर्म की देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें बताकर उनकी धार्मिक भावनाएं आहत कीं और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का प्रयास किया। जांच के अनुसार, आरोपी तौसिफ अत्तार और दानिश शेख को एक युवक के धर्मांतरण की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे बार-बार होटलों में ले जाकर मांसाहार करने के लिए मजबूर किया गया।
कोर्ट ने नहीं दी थी राहत
गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सुनियोजित तरीके से ब्रेनवॉश करके पीड़िता को मलेशिया भेजने की साजिश नजर आती है।
राजनीतिक भूचाल
यह मामला अब एक सामान्य क्राइम केस से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन गया है, जिसके कारण ATS, NIA और IB जैसी केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। राज्य के कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाठ ने नासिक TCS मामले की कड़ी आलोचना की और इस पूरी साजिश के पीछे AIMIM का हाथ बताया गया है। उन्होंने AIMIM नेता इम्तियाज जलील पर भी निदा खान को छिपाने में मदद करने का गंभीर आरोप लगाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा खान से पूछताछ के बाद इस मामले में कई नए और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जांच अभी जारी है।

