नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप और सोशल मीडिया के ज़रिये लोगों को रुपये दोगुना करने का लालच देकर बड़ी ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना सेक्टर-113 की टीम ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से सेक्टर-122 स्थित फ्लैट नंबर डी-44 पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त प्रमांशु कुमार, प्रदीप सिंह और कुलदीप सिंह को दबोचा गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आकर्षक विज्ञापन चला कर लोगों को नकली ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप तक पहुँचाते थे। शुरुवात में उपयोगकर्ताओं को थोड़े-से निवेश पर राशि दोगुनी दिखाकर विश्वास जीतते, फिर जब पीड़ित अधिक रकम जमा करने लगते तो गिरोह अचानक संपर्क काट देता और निवेशक के पैसे गायब हो जाते थे। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों, कई बैंक खातों और अनगिनत मोबाइल सिम कार्डों का इस्तेमाल कर यह नेटवर्क संचालित किया।
छापेमारी में बरामद सामग्री व मौजूदा सुराग
14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, लेनोवा टैबलेट, 15 सिम कार्ड, 35 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 पासबुक, 9 चेक बुक, 4 मेट्रो कार्ड, एक वाई-फाई राउटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस का कहना है कि बरामद उपकरण और बैंकिंग दस्तावेजों से साफ संकेत मिलते हैं कि गिरोह बड़े पैमाने पर, लंबे समय से साइबर ठगी कर रहा था और संभवतः कई पीड़ितों के साथ जुड़े हुए है। बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप व दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके बैंकिंग लेनदेन और ठगी के शिकार लोगों की संख्यात्मक पहचान की जा सके। जांच यह भी कर रही है कि क्या यह नेटवर्क अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
थाना सेक्टर-113 में मु0अ0सं0 237/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है — धारा 111, 318(4) बीएनएस तथा धारा 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीकृत है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आज माननीय न्यायालय में पेश कर अभिरक्षा हेतु भेजा जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन व विस्तृत जांच जारी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रुख और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने कहा, “पुलिस आयुक्त महोदया के निर्देशन में नोएडा जोन में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। आज सेक्टर-113 और ACP-3 टीम की तत्परता के चलते यह बड़ी सफलता मिल पाई। बरामद सामग्री और फोरेंसिक रिपोर्ट से मामले के और पहलुओं का खुलासा होगा।” उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले तेज लाभ के दावों से सावधान रहें और किसी भी शक के मामले में तुरंत नजदीकी साइबर सेल या पुलिस को सूचना दें।
विशेष टिप्स, ऐसी धोखाधड़ी से कैसे बचें
अनजान ऐप व वेबसाइट पर बायोमेट्रिक/बैंकिंग जानकारी साझा न करें। अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाले विज्ञापनों से दूरी रखें। लेनदेन से पहले कंपनी के रजिस्ट्रेशन व वैधता की जाँच करें। किसी भी संदेह पर बैंक व साइबर पुलिस को रिपोर्ट करें और मोबाइल-सिम से जुड़ी अनधिकृत ट्रांजैक्शनों पर तुरंत नोटिस लें। इस गिरफ्तारी को नोएडा पुलिस की ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्यवाही माना जा रहा है। जांच के अगले चरणों में मिलने वाले इन दोनों (फोरेंसिक व बैंकिंग) सबूतों से यह स्पष्ट होगा कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की कुल राशि कितनी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जो भी आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े लोग होंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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