Jamnagar massacre: पत्नी-प्रेमी ने साइनाइड से पति को जहर दिया, फैक्ट्री फ्लोर में दफनाया; परिवार को बताया ऑस्ट्रेलिया गया

Jamnagar massacre: जामनगर, गुजरात के जामनगर जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जो बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम’ की याद दिलाता है। पुलिस के अनुसार, पत्नी और उसके प्रेमी ने शराब में साइनाइड मिलाकर पति की हत्या कर दी और शव को औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में 12 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया। करीब दो साल तक परिवार को यह झूठ बताया जाता रहा कि वह ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। अब पुलिस की खुदाई में कंकाल के अवशेष बरामद हो गए हैं। शिकार बने जिग्नेश धर्मेशभाई मावड़िया (लगभग 35 वर्ष) फर्नीचर का व्यवसाय करते थे। उनके दो बच्चे हैं। मई 2024 में उनकी हत्या की आशंका है। आरोपियों में पत्नी पृथ्वि (जिन्हें भूमिबेन भी कहा जाता है) और उनके कथित प्रेमी नीलेश मनसुखभाई कच्छटिया शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में एक और सहयोगी बलवीर देवीराम वर्मा का भी जिक्र है।

कैसे हुई हत्या?

पुलिस जांच के अनुसार, पृथ्वि और नीलेश शादी से पहले भी संबंधों में थे और शादी के बाद भी यह रिश्ता जारी रहा। दोनों ने मिलकर जिग्नेश की शराब में साइनाइड मिलाया। जहरीली शराब पीने के बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने डरेड जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में किराए पर ली गई एक खाली फैक्ट्री में करीब 12 से 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा, शव दफनाया और ऊपर से कंक्रीट डालकर ढक दिया। नीलेश ने उस फैक्ट्री को कथित अपराध के समय केवल एक महीने के लिए किराए पर लिया था।

दो साल तक चला झूठ

हत्या के बाद पृथ्वि ने परिवार को बताया कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया जाकर नौकरी कर रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाता, क्योंकि कंपनी फोन की अनुमति नहीं देती। परिवार जब भी पूछता, वही जवाब मिलता। यहां तक कि वे स्थायी निवास (PR) मिलने के बाद लौटेंगे, ऐसा भी बताया जाता रहा। परिवार के सदस्यों ने कई बार संदेह जताया, लेकिन सबूत न होने से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मामला तब खुला जब परिवार के एक सदस्य ऑस्ट्रेलिया जाने वाले थे और उन्होंने जिग्नेश का पता या संपर्क नंबर मांगा। पृथ्वि संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। जब परिवार ने पुलिस के पास जाने की धमकी दी, तो उन्होंने कथित तौर पर कबूल किया कि दो साल पहले जिग्नेश की हत्या कर दी गई थी। 26 जुलाई 2026 को जिग्नेश के भाई अशोक मावड़िया ने जामनगर सिटी ‘बी’ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पूछताछ में पृथ्वि और नीलेश ने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और शव के ठिकाने की जानकारी दी।

खुदाई और बरामदगी

सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रतिभा (लालपुर डिवीजन) के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री परिसर में खुदाई शुरू हुई। गड्ढे से मानव कंकाल के अवशेष बरामद हुए, जिन्हें पहचान के लिए डीएनए परीक्षण और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि अवशेषों की पहचान पुष्टि होने के बाद हत्या और सबूत मिटाने समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी। दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार हैं। जांच जारी है। पृथ्वि पहले नर्स के रूप में काम करती थीं। पुलिस स्रोत बताते हैं कि पति के गायब होने के बावजूद वे परिवार के कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं और ऑस्ट्रेलिया वाले झूठ को बनाए रखा। यह मामला न केवल हत्या की क्रूरता बल्कि लंबे समय तक चले छिपाने के प्रयास के कारण चर्चा में है। जामनगर पुलिस आगे की जांच में फॉरेंसिक सबूतों पर जोर दे रही है।

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