पश्चिमी यूपी और नोएडा का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण, मिला नया जीवन

नोएडा, कार्डियक केयर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा क्षेत्र का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) सफलतापूर्वक पूरा किया है। क्रोनिक हार्ट फेलियर से कई वर्षों से जूझ रहे 56 वर्षीय मरीज तपस कुमार डे को नया जीवनदान मिला है। डॉ. अजय कौल (चेयरमैन – कार्डियक साइंसेज, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा) के नेतृत्व में मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया।

मरीज श्री तपस कुमार डे पिछले कई वर्षों से क्रोनिक हार्ट फेलियर से पीड़ित थे। उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था और सांस फूलने की तकलीफ दवाओं से भी नियंत्रित नहीं हो पा रही थी। डॉक्टरों के अनुसार, बिना तत्काल हृदय प्रत्यारोपण के उनकी जीवित रहने की संभावना मात्र 10 प्रतिशत रह गई थी। उन्हें ट्रांसप्लांट वेटिंग लिस्ट में रखा गया था और हालत स्थिर रखने के लिए दवाओं पर रखा जा रहा था।

इसी बीच पंचकुला (हरियाणा) के कमांड हॉस्पिटल में एक डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। हृदय को निर्धारित समय सीमा (2-3 घंटे) के अंदर प्रत्यारोपित करना जरूरी था। इसके लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नोट्टो (NOTTO), एयरपोर्ट अथॉरिटीज और फोर्टिस टीम के बीच बेहतरीन समन्वय से एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। डोनर हार्ट को हवाई मार्ग से गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। वहां से एंबुलेंस के जरिए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में तय कर फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचा दिया गया।

अस्पताल में पहुंचते ही सर्जिकल टीम तैयार थी। मरीज के क्षतिग्रस्त हृदय को निकालकर डोनर हार्ट सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। ऑपरेशन के दौरान हृदय की प्रमुख धमनियों से जोड़ने और रक्त प्रवाह बहाल करने की प्रक्रिया पूरी निगरानी में पूरी की गई। प्रत्यारोपित हृदय में रक्त प्रवाह और धड़कन शुरू होते ही सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। मरीज की मेडिकल हिस्ट्री (गुर्दे की समस्या, उच्च रक्तचाप और हृदय की गंभीर स्थिति) को देखते हुए उन्हें स्पेशलाइज्ड इंटेंसिव केयर में रखा गया। स्पेशलिस्ट टीम ने 24 घंटे मॉनिटरिंग, अंग रिकवरी में मदद और ऑर्गन रिजेक्शन रोकने वाली दवाओं के जरिए सुगम रिकवरी सुनिश्चित की।

मरीज तपस कुमार डे ने कहा,
“जिंदगी का यह उपहार मिलना मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं डोनर परिवार का हृदय से आभारी हूं, जिन्होंने परोपकार कर मुझे एक बार फिर अपना जीवन का सफर जारी रखने का मौका दिया। ऐसे समय में जबकि मैं और मेरा परिवार पूरी उम्मीद खो चुका था, डॉक्टरों की टीम ने अपना फर्ज निभाया और मुझे इतना कीमती उपहार दिया।” और उनकी पत्नी ने कहा मुझे भगवान पर पूरा भरोसा था वो इतना जल्दी साथ नहीं छुड़वायेंगे, अभी तो भारत समेत पूरा विश्व घूमना है।

डॉ. अजय कौल ने कहा,
“श्री डे का हृदय इतना कमजोर पड़ चुका था कि उस पर किसी भी दवा या प्रक्रिया का असर नहीं हो सकता था। नया हृदय ही उन्हें जिंदा रखने का एकमात्र उपाय था। जैसे ही पंचकुला में डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ, हर मिनट कीमती हो चुका था। मृत शरीर से निकालकर नोएडा के ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। मुझे बेहद प्रसन्नता है कि यह सर्जरी सही ढंग से हुई और अब श्री डे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। हमारी टीम के लिए यह केवल सर्जिकल सफलता नहीं, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अब नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे शहरों तक नहीं जाना पड़ेगा।”

मोहित सिंह, रीजनल डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा ने कहा,
“पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण हमारे अस्पताल तथा इस क्षेत्र के मरीजों के लिए किसी गर्व से कम नहीं है। यह उपलब्धि हमारे डॉक्टरों, क्रिटिकल केयर स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस, एयरपोर्ट अधिकारियों और नोट्टो के बीच समन्वय तथा टीमवर्क के चलते ही संभव हो पाई। साथ ही, उस परिवार की हिम्मत और परोपकारिता की भावना भी सराहनीय है, जिन्होंने अपने प्रियजन के अंगों को दुख की इस घड़ी में भी दान करने का बड़ा फैसला लिया। हम नोट्टो के सहयोग के लिए उनके आभारी हैं और उन सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने इस बड़े एवं महत्वपूर्ण काम को पूरा करने में हमें हर कदम पर सहयोग दिया।”

यह सफलता फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा की कार्डियक केयर क्षमताओं को और मजबूत करती है। अस्पताल अब क्षेत्र के मरीजों को विश्वस्तरीय हार्ट ट्रांसप्लांट सुविधा घर के करीब उपलब्ध करा रहा है। फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है, जिसके नेटवर्क में 12 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में 36 हेल्थकेयर सुविधाएं (जेवी और ओ एंड एम सहित) शामिल हैं। कंपनी के नेटवर्क में 6,150 से अधिक ऑपरेशनल बेड्स तथा 400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स हैं।

आईएचएच हेल्थकेयर (IHH) एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय हेल्थकेयर प्रदाता है, जो मरीजों की देखभाल के भविष्य को नया स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह मलेशिया, सिंगापुर, तुर्की, भारत और ग्रेटर चाइना समेत दुनिया के 10 देशों में 80 से अधिक अस्पतालों सहित 140 हेल्थकेयर सुविधाओं के जरिए 70,000 पेशेवरों की टीम के साथ वर्ल्ड-क्लास उत्कृष्टता प्रदान करता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत इस सफलता ने एक बार फिर रेखांकित की है। तपस कुमार डे की रिकवरी जारी है और वे नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

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