मेरा फोन नहीं उठाए, 3 साल पहले हापुड़ से मैंने ही हटवाया था; सीएम योगी को भेजी शिकायत

लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीसीएआर) के अध्यक्ष और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कैप्टन विकास गुप्ता ने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी आईएएस मेधा रूपम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि डीएम ने उनके कई कॉल नहीं उठाए। यहां तक कि एक बड़े अधिकारी के घर से गंभीर मामले में किए गए कॉल का भी जवाब नहीं दिया। कैप्टन गुप्ता ने कहा कि इसी तरह के व्यवहार के कारण तीन साल पहले हापुड़ से मेधा रूपम का तबादला करवाया गया था।

सूत्रों से बातचीत में राज्यमंत्री ने बताया, “मैं नोएडा में एक बड़े अफसर के घर पर बैठा था। उनकी पत्नी से जुड़ा बहुत गंभीर मामला था। मैंने उनके आवास से डीएम मेधा रूपम को कॉल किया। उनके पास मेरा नंबर, ऑफिस और लखनऊ कार्यालय तक के नंबर फीड हैं। मैंने डीएम को दो बार कॉल किया। फिर इंतजार भी किया कि शायद कॉल बैक करें, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।”

कैप्टन विकास गुप्ता ने आगे कहा कि वे बहुत ज्यादा किसी को फोन नहीं करते। उनका प्रोटोकॉल रहता है। वे राज्य के जिलाधिकारियों, एसपी, प्रमुख सचिवों और मुख्यमंत्री कार्यालय से नियमित संपर्क में रहते हैं। नोएडा में उनका आवास होने के कारण स्थानीय समस्याओं पर डीएम से बात करना जरूरी हो जाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं से फीडबैक मिला था कि डीएम कुछ चुनिंदा लोगों का ही फोन उठाती हैं।

उन्होंने अप्रैल-मई में कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद पत्र लिखा और उसकी कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को भेजी। अगस्त-सितंबर में भी प्रयास किया। जब सुधार नहीं दिखा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मुद्दा उठाया।

14 सितंबर को सीएम को भेजा पत्र
 कैप्टन विकास गुप्ता ने 14 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की। पत्र में लिखा गया, “जिले के नागरिकों की ओर से डीएम की अनुपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मैंने खुद भी जनसामान्य की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों को लेकर डीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।”

मंत्री ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और डीएम को जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों के प्रति अधिक सुलभ, संवेदनशील और उत्तरदायी रहने के निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और जनप्रतिनिधियों की बात सुनना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

हापुड़ का पुराना अनुभव
पत्र और बातचीत में कैप्टन गुप्ता ने हापुड़ का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 (कुछ रिपोर्टों में 2020 का उल्लेख) में उन्हें हापुड़ की धौलाना विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया था। उस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से मेधा रूपम (तब हापुड़ डीएम) के प्रति असंतोष की शिकायतें मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं शिकायतों के चलते मेधा रूपम को हापुड़ से हटाया गया था। सूत्रों ने नोएडा डीएम मेधा रूपम का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन और व्हाट्सऐप मैसेज किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

मेधा रूपम कौन हैं?
मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वे गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला जिलाधिकारी हैं। इससे पहले वे हापुड़ और कासगंज की डीएम तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त सीईओ रह चुकी हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं। उनका प्रशासनिक करियर कई मुद्दों पर चर्चा में रहा है, लेकिन इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामला प्रशासनिक जवाबदेही, जनप्रतिनिधियों से संवाद और प्रोटोकॉल को लेकर राजनीतिक-प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से किसी कार्रवाई या जांच का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।

यह भी पढ़ें: किसान आंदोलन या दबाव की राजनीति? नोएडा-ग्रेटर नोएडा में लगातार धरना-प्रदर्शन, कुछ संगठनों की भूमिका पर उठ रहे सवाल

यहां से शेयर करें