गैजेट्स और लग्जरी सामान गायब, किताबें सुरक्षित; विरोध की आड़ में करोड़ों का नुकसान

फगवाड़ा (पंजाब)। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के कैंपस में स्थित यूनि मॉल में बीते सप्ताहांत हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर लूटपाट हुई। सोनी प्लेस्टेशन 5 (PS5), iPhone, लैपटॉप, प्रदा और अरमानी जैसे महंगे परफ्यूम, कैश और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज लूट लिए गए। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किताबों और स्टेशनरी की दुकानें पूरी तरह छूई भी नहीं गईं। यह विरोधाभास सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

26-27 सितंबर की रात को एक छात्रा पर कथित यौन उत्पीड़न की अफवाहों के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कैंपस के अंदर यूनि मॉल की दुकानों के शीशे तोड़े, काउंटर तोड़े और सामान लूटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को चेहरा ढककर PS5 उठाए जाते और “भाई, हमारे PS5 ले आए हैं” या “फ्री की शॉपिंग चल रही है” कहते सुना जा सकता है।

दुकानदारों का दर्द: लाखों-करोड़ों का नुकसान
सूत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, एक डिपार्टमेंटल स्टोर के मैनेजर ने बताया कि काउंटर से 6-7 लाख रुपये नकद गायब हो गए। कुल नुकसान 80-90 लाख रुपये का अनुमान है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के मालिक ने कहा कि नई और सेकंड-हैंड फोन, मरम्मत के लिए छोड़े गए फोन, AirPods, हेडफोन और केबल सब लूट लिए गए। नुकसान 50 लाख रुपये से अधिक बताया गया। एक अन्य दुकानदार ने प्रदा और अरमानी जैसे 15-17 हजार रुपये वाले परफ्यूम लूटे जाने की पुष्टि की। कुछ रिपोर्टों में एक लैपटॉप-मोबाइल दुकान से करोड़ों का सामान चोरी होने का दावा भी किया गया है। सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी क्षतिग्रस्त या गायब कर दिए गए, जिससे जांच में बाधा आ रही है।

किताबें क्यों बचीं?
मॉल में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा, “उन्होंने बाकी सब दुकानें लूट लीं, लेकिन किताबें छोड़ दीं क्योंकि उनके लिए वे बेकार थीं। जो उपयोगी लगा, वही उठा लिया।” सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस पर टिप्पणी की। एक यूजर ने लिखा, “प्रायोरिटीज क्रिस्टल क्लियर हैं।” इतिहास कोच सिद्धार्थ इचलॉन ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि किताबों की दुकानों के पोस्टर तक नहीं फाड़े गए।

विरोध की शुरुआत और वर्तमान स्थिति
कथित घटना की अफवाह सोशल मीडिया पर फैली, जिसके बाद छात्र हॉस्टल से निकलकर विरोध करने लगे। प्रदर्शन हिंसक हुआ, यूनि मॉल में तोड़फोड़ हुई और NH-44 (जालंधर-फगवाड़ा) पर 18 घंटे से अधिक जाम लगा। पुलिस वाहनों पर हमला हुआ, कुछ वाहन जलाए गए। LPU ने यौन उत्पीड़न के आरोप को “झूठा, बेबुनियाद और गढ़ा हुआ” बताया। पुलिस ने मामला दर्ज कर एसआईटी गठित की है।

यूनिवर्सिटी ने 30-40 छात्रों की जांच शुरू की है। सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है। छात्र कल्याण डीन प्रो. सौरभ लखनपाल ने कहा कि मास्क पहने बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं। कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी गई हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी गई हैं। कई छात्र घर लौट गए हैं। दुकानदार अब नुकसान का आकलन कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। वे पूछ रहे हैं कि उनका नुकसान कौन भरेगा। यह घटना छात्र सुरक्षा, अफवाहों के प्रबंधन और कैंपस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

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