ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-1 स्थित ईशान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ईशान एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) में छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दिन उन्हें एडमिट कार्ड नहीं दिए गए और कॉलेज परिसर से बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं दी गई, जिससे उनका परीक्षा का समय व्यर्थ चला गया और भविष्य प्रभावित हुआ।
छात्रों के अनुसार, परीक्षा दोपहर 1:30 बजे निर्धारित थी। इसके बावजूद संस्थान प्रशासन ने ना तो एडमिट कार्ड जारी किए और ना ही छात्रों को परिसर से बाहर आने दिया। कई छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचने से वंचित रह गए। सोशल मीडिया पर आज (29 सितंबर 2026) कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें छात्र इस घटना को “बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़” बता रहे हैं।
कुछ छात्रों ने अटेंडेंस या अन्य आंतरिक नियमों का हवाला देते हुए भेदभाव का भी आरोप लगाया है। इससे पहले भी संस्थान में एडमिट कार्ड न दिए जाने को लेकर हंगामे की खबरें सामने आई थीं। स्थानीय सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे GBN Today, The Bharat News और Bhartiya TV ने इस मुद्दे को उठाया है और पुलिस तथा जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है।
ईशान इंस्टीट्यूट ग्रेटर नोएडा का पुराना संस्थान है, जिसकी स्थापना 1994 में हुई थी। यह मैनेजमेंट, लॉ, फार्मेसी और आयुर्वेद जैसे कोर्स चलाता है और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध है। हाल के वर्षों में संस्थान की कुछ कोर्स संबंधी मान्यता संबंधी मुद्दे भी सामने आए हैं, लेकिन वर्तमान विवाद छात्रों की परीक्षा संबंधी शिकायतों पर केंद्रित है।
अभी तक संस्थान प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्रों ने प्रशासन से तुरंत स्पष्टीकरण और उचित कार्रवाई की मांग की है। नॉलेज पार्क पुलिस और गौतमबुद्ध नगर प्रशासन से इस मामले में जानकारी मांगी जा रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्रों के अधिकारों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अभिभावक और छात्र इस घटना को शैक्षिक संस्थानों में जवाबदेही की कमी का उदाहरण बता रहे हैं। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासनिक लापरवाही न केवल छात्रों के वर्तमान को प्रभावित करती है, बल्कि उनके पूरे करियर पर असर डाल सकती है। आगे की जांच और प्रबंधन के जवाब का इंतजार है।
यह भी पढ़ें: गैजेट्स और लग्जरी सामान गायब, किताबें सुरक्षित; विरोध की आड़ में करोड़ों का नुकसान

