यूपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार: पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक झमाझम बारिश, गौतमबुद्ध नगर समेत 13 जिलों में आज भारी वर्षा का अलर्ट

Rainy Season:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी तराई तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। लगातार हुई बारिश के कारण अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी।

प्रदेश में सबसे अधिक 70 मिमी बारिश सोनभद्र में दर्ज की गई। इसके अलावा ललितपुर में 69 मिमी, प्रयागराज में 58 मिमी और मिर्जापुर में 50 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन जिलों में कई घंटों तक लगातार बारिश होने से सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। वहीं खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से खरीफ फसलों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली, बिजनौर, रामपुर, सहारनपुर, शामली, मेरठ और पीलीभीत समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज हवा चलने से पेड़ों की शाखाएं टूट गईं और कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। हालांकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा और फिरोजाबाद समेत कुल 13 जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इससे जहां एक ओर तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, वहीं नदियों और जलाशयों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा भी होगी।

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