मथुरा एनकाउंटर: 30 लाख की डकैती करने वाले बावरिया गिरोह के दो कुख्यात ढेर, पुलिस मुठभेड़ में मिली बड़ी कामयाबी

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस और बदमाशों के बीच गुरुवार तड़के भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में डकैती कांड में शामिल दो शातिर बदमाश पुलिस की गोली लगने से मारे गए हैं।

बृहस्पतिवार सुबह हुई मुठभेड़

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टैंटीगांव डकैती कांड से जुड़े कुछ अपराधी क्षेत्र में किसी अन्य वारदात को अंजाम देने या भागने की फिराक में हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दो बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मारे गए बदमाशों की पहचान

मारे गए बदमाशों की शिनाख्त कुख्यात बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्यों के रूप में हुई है:

  1. धर्मवीर उर्फ लंबू: निवासी भरतपुर, राजस्थान।

  2. राजेंद्र उर्फ पप्पू: निवासी अलवर, राजस्थान।

23 अप्रैल की वो खौफनाक रात

यह पूरा मामला 23 अप्रैल की रात का है, जब इन नकाबपोश बदमाशों ने टैंटीगांव के प्रमुख व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर पर धावा बोला था। बदमाशों ने घर के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर आतंक मचाया और घर से लगभग 30 लाख रुपये की नकदी और भारी मात्रा में जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी थी।

पुलिस की बड़ी सफलता

घटना के बाद से ही मथुरा पुलिस और एसओजी की टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मारे गए दोनों अपराधी बेहद शातिर थे और उन पर कई अन्य राज्यों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की संभावना है।

अधिकारियों का बयान: “पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट के माल की बरामदगी के लिए जांच अभी जारी है।” इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह को स्थानीय स्तर पर किसने मदद पहुंचाई थी।

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