ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश की जारचा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीनों की रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये डकारने वाले गिरोह के दो और सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
चिपियाना के पास से हुई गिरफ्तारी
जारचा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश नाथ ने बताया कि पुलिस टीम धोखाधड़ी के इस मामले में लगातार दबिश दे रही थी। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम चिपियाना के पास घेराबंदी की, जहाँ से सौरभ (पुत्र उमेश राठौर) और विजय (पुत्र किशनपाल सिंह) को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी कागजात और करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी पहले कीमती जमीनों को चिह्नित करते थे और फिर उनके फर्जी दस्तावेज (बैनामा व अन्य कागजात) तैयार कर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। असली मालिक की जानकारी के बिना ये लोग फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर देते थे और बदले में मोटी रकम वसूलते थे।
अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां
इस बड़े घोटाले में पुलिस की कार्रवाई थमी नहीं है। पुलिस के अनुसार:
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इस मामले में पूर्व में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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ताजा गिरफ्तारी के बाद पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 5 हो गई है।
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गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
नेटवर्क खंगाल रही है पुलिस
प्रभारी निरीक्षक कैलाश नाथ ने स्पष्ट किया कि यह केवल कुछ लोगों का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और जालसाजों का खुलासा किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की ठगी पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस की अपील: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले तहसील स्तर पर दस्तावेजों की गहनता से जांच जरूर करें ताकि वे ऐसे जालसाजों का शिकार होने से बच सकें।
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