मालदीव की वावू एटॉल (Vaavu Atoll) में गुरुवार को हुए एक विनाशकारी डाइविंग दुर्घटना में पांच इटालियन नागरिक अपनी जान गंवा बैठे, जब समुद्र की 50–60 मीटर की गहराई पर बनी एक अंडरवाटर केव (underwater cave) की खोज के दौरान वे गहराई में फँस गए या ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के कारण बेहोश हो गए। हालांकि मौत की सटीक वजह अभी पोस्टमॉर्टम और तकनीकी जांच के बाद ही साफ होगी, लेकिन डाइविंग विशेषज्ञ और स्थानीय अधिकारियों के बीच ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी और गैस–मिक्सचर की समस्या को प्रमुख कारण के रूप में देखा जा रहा है।
दुर्घटना कब और कहाँ हुई?
इटालियन डाइवर्स का यह दल वावू एटॉल के आलिमथा द्वीप (Alimathaa/Alimatha) के पास स्थित एक मशहूर डाइव साइट पर शुक्रवार (15 मई) की सुबह एक विशेष यॉट “Duke of York” से उतरा और लगभग 50–60 मीटर की गहराई पर बनी समुद्री गुफ़ा की खोज के लिए नीचे उतरा। उनके निर्धारित समय पर सतह पर वापस न आने पर दोपहर तक चिंता बढ़ गई और स्थानीय नौसैनिक बलों और डाइविंग टीमों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
अभियान और शव बरामदगी
मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) ने बताया कि शाम करीब 6.13 बजे एक डाइवर का शव लगभग 60 मीटर की गहराई पर स्थित केव के अंदर बरामद किया गया, जबकि अन्य चार साथी अभी भी उसी गोलाकार, नलीनुमा गुफ़ा में फंसे होने की आशंका है। गहराई, तेज़ धारा और घनी तलछट के कारण स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को राहत और बचाव कार्य को अस्थायी तौर पर निरस्त कर दिया, जिसे शनिवार को बेहतर उपकरणों और संयोजित टीमों के साथ दोबारा शुरू करने की योजना है।
मारे गए डाइवर्स और इटली की प्रतिक्रिया
इटली के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पांचों मृतक इटालियन नागरिक थे, जिनमें जिनोवा विश्वविद्यालय के एक मरीन बायोलॉजी प्रोफेसर मोनिका मोंटेफाल्कोने और उनकी 20 वर्षीय बेटी जियोर्जिया सोम्माकाल समेत दो स्थानीय शोधकर्ता और एक प्रशिक्षक शामिल थे। इटली की ओर से रोम में शोक व्यक्त किया गया है और इटालियन राजनयिक दूतावास ने राहत व दस्तावेज़ीकरण के लिए मालदीव सरकार के साथ निकट संपर्क बनाए रखा है।
ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी और तकनीकी जोखिम
डाइविंग विशेषज्ञों ने बताया कि 50–60 मीटर की गहराई पर नॉर्मल एयर या गलत गैस मिश्रण के उपयोग से डाइवर्स को सीधे “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें अचानक दौरा, उल्टी, उत्तेजना या बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इस तरह के दबाव पर गलत टैंक गैस, ऑक्सीजन की अत्यधिक मात्रा या बेहद तेज़ गहराई पर उतरने से एक ही दल में कई डाइवर्स एक साथ ही बेहोश क्यों हो जाते हैं, यही मुख्य सवाल जांचकर्ताओं के सामने है।
मालदीव के लिए “सबसे भयानक डाइविंग दुर्घटना”
मालदीव की शासन व्यवस्था ने इस घटना को देश के इतिहास में अब तक की सबसे घातक एकल डाइविंग दुर्घटना माना है, क्योंकि एक ही बार में एक दल में पांच जांबाज़ डाइवर्स अपनी जान गंवा बैठे और मानवरहित, गहरी केव की जटिल संरचना ने बचाव कार्य को भी अत्यंत जोखिम भरा बना दिया है। अधिकारियों ने अस्थायी रूप से इस विशेष केव क्षेत्र में गहरी व केव डाइविंग पर रोक लगाने और गैस मिक्सचर की जांच की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
अगला कदम: जांच और सुरक्षा मानक
मालदीव पुलिस और नौसैनिक बल अगले कुछ दिनों में तकनीकी जांच, टैंक लॉग–डेटा, गैस सैंपल और डाइव योजना की पूरी समीक्षा करेंगे, ताकि यह तय किया जा सके कि दुर्घटना का कारण केवल ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी था, या इसमें उपकरण खराबी, अनुभवहीन प्रशिक्षण या गलत योजनाबद्धता भी शामिल थी। इस घटना ने वैश्विक डाइविंग समुदाय में फिर से “टेक्निकल डाइविंग”, केव एक्सप्लोरेशन और गहरी गहराई पर ऑक्सीजन–मिक्सचर के जोखिमों पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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