कोरिया के व्यापार और निवेश प्रतिनिधिमंडल ने आज यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) का दौरा कर क्षेत्र में निवेश के बड़े अवसरों का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल में रिपब्लिक ऑफ कोरिया के मंत्रालय फॉर ट्रेड, इंडस्ट्री एंड रिसोर्सेज, दूतावास तथा कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (KOTRA) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस प्रतिनिधिमंडल में श्री किम जिनसू (Director), श्री कांग होंग कू (Deputy Director), श्री सुंगजोंग चो (Commercial Counsellor, दूतावास), श्री डोंगह्यों किम (Managing Director, KOTRA साउथ एशिया) और श्री जेवुक (जेक) ली (Executive Director, India-Korea Business Cooperation Desk, KOTRA) शामिल थे।
YEIDA के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Additional CEO) श्री शैलेन्द्र कुमार भाटिया, IAS ने प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि YEIDA क्षेत्र अपनी मजबूत कनेक्टिविटी और परिचालन के चरण में Noida International Airport के कारण निवेशकों के लिए बेहद अनुकूल बन चुका है। श्री भाटिया ने यह भी बताया कि क्षेत्र में Escorts Kubota, HCL-Foxconn सहित कई अग्रणी कंपनियों की उपस्थिति बढ़ रही है, जिससे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम मज़बूत हो रहा है। प्रस्तुति में यह स्पष्ट किया गया कि YEIDA में प्रमुख रूप से सेमीकंडक्टर चिप्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आ रहा है। इन सेक्टरों की तेजी से वृद्धि ने क्षेत्र को मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए आकर्षक केन्द्र बना दिया है।
कोरियन सिटी का प्रस्तावित प्रोजेक्ट
श्री भाटिया ने प्रतिनिधिमंडल को YEIDA के सेक्टर 4A में प्रस्तावित ‘कोरियन सिटी’ की रूपरेखा भी बताई। यह परियोजना लगभग 900 एकड़ में फैली होगी और “मल्टिपल लैंड यूज़ इंडस्ट्री” के अंतर्गत नियोजित है, जिसका अर्थ है कि इसमें औद्योगिक के साथ-साथ आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सुविधाएँ भी होंगी। उन्होंने कहा कि कोरियन सिटी को विशेष रूप से कोरियाई उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करने तथा उन्हें एकीकृत माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।
कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की मजबूती
YEIDA में प्रस्तावित परियोजनाओं की अहमियत बताते हुए श्री भाटिया ने कहा कि कोरियन सिटी और अन्य औद्योगिक निवेशों के लिए क्षेत्र की कनेक्टिविटी एक बड़ा प्लस पॉइंट है। प्रस्तावित स्थल Noida International Airport के सीधा लाभान्वित एक्सेस के पास स्थित है तथा Yamuna Expressway, Eastern Peripheral Expressway और Dedicated Freight Corridors से भी निकटता है। इन कनेक्शनों से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल के परिवहन में लागत और समय दोनों में कमी आ सकती है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए निर्णायक है।
साइट विजिट और आगे की चर्चा
प्रस्तुति के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संभावित निवेश के लिये चिन्हित जमीन के प्रोजेक्ट स्थलों का साइट विजिट किया। अधिकारियों के अनुसार यह अवसर कोरियाई उद्योगों के साथ YEIDA के बीच निवेश सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग, विनिर्माण श्रृंखला में भागीदारी और संभावित संयुक्त उद्यम (JV) पर और वार्ताएँ आगे चल कर होने की संभावना है। YEIDA अधिकारियों का मानना है कि कोरियन सिटी जैसे प्रोजेक्ट से न सिर्फ़ क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन, कौशल विकास और सप्लाई चेन का स्थानीयकरण भी होगा। KOTRA के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि दक्षिण कोरियाई कंपनियाँ भारत के मैन्युफैक्चरिंग बेस और नजदीकी बाजारों तक पहुँच के कारण इस तरह के निवेश विकल्पों में रुचि दिखा रही हैं।
आगामी कदम
दोनों पक्षों ने विस्तृत तकनीकी और व्यावसायिक अध्ययन के बाद निवेश-उपयुक्त अनुप्रयोगों, भूमि-विनियोग, इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं और नीतिगत प्रोत्साहनों पर और गहन चर्चा करने पर सहमति जताई है। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले कुछ महीनों में अधिक प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बैठकों और संभावित पायलट परियोजनाओं की रूपरेखा पर विचार होगा, ताकि निवेश निर्णयों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके।

