Ranchi News: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने का आरोप, ABVP कार्यकर्ताओं पर एक्शन; हेमंत सोरेन ने दी प्रतिक्रिया

Ranchi News: रांची, झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के समर्थन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम निकाला। इसी दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंक दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा है। नेहा बोरा ने घटना के बाद कहा, “आंसू गैस से नहीं डरे तो स्याही क्या चीज है।” उन्होंने परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग दोहराते हुए कहा कि पेपर लीक की जिम्मेदारी सिर्फ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और गड़बड़ी में शामिल एजेंसियों को सिस्टम से बाहर किया जाए।

CM का रुख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए पहले ही सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा दिए हैं। सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझना चाहती है।” सरकार ने साफ किया है कि वह केवल छात्रों से बात करेगी। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता और पत्रकारों को शामिल करने पर सरकार को आपत्ति है।

अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पर भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। उन्हें रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। देवेंद्र नाथ समेत छह आंदोलनकारी अभी भी अनशन पर हैं।

बातचीत बेनतीजा
गुरुवार देर रात SDM और SDO लॉ-एंड-ऑर्डर छात्रों से मिले। करीब 45 मिनट चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।

राहुल गांधी का समर्थन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अनशनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की और आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था खत्म हो गई है और हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए।

जांच में खुलासे
JPSC अनियमितताओं की जांच में CID ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड अभय तिवारी से 10 दिनों तक पूछताछ हुई। सूत्रों के अनुसार, सफलता दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपये तक की डील होती थी। छात्रों का कहना है कि अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनती तो इस्तीफा दे। वे मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि पेपर लीक और धांधली नामुमकिन हो।

यह भी पढ़ें: Noida waterlogging: नोएडा में ‘हाईटेक सिटी’ के दावों की खुली पोल, सेक्टर-95 अंडरपास में 3-4 फीट भरा पानी, आधे घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

यहां से शेयर करें