Noida waterlogging: महामाया फ्लाईओवर के नीचे जलभराव से सड़कें बनीं तालाब; ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी-कुलेसरा रोड पर भी घंटों जाम, स्थानीय प्रशासन ने निकाली फंसी एम्बुलेंस, नोएडा में भारी बारिश के बाद शहर की सड़कों की हकीकत बयां करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जो ‘हाईटेक सिटी’ के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। सेक्टर-95 फ्लाईओवर के पास बने अंडरपास में इतना पानी भर गया कि सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। बताया जा रहा है कि महामाया फ्लाईओवर के नीचे इस अंडरपास में करीब 3 से 4 फीट तक पानी जमा हो गया था।
आधे घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस
जलभराव की सबसे गंभीर स्थिति उस वक्त सामने आई जब एक एनजीओ की एम्बुलेंस इस पानी में फंस गई। जानकारी के मुताबिक, एम्बुलेंस के अंदर ANM (सहायक नर्स मिडवाइफ) और एक टेक्नीशियन भी मौजूद थे, जो करीब आधे घंटे तक पानी में फंसे रहे। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मशक्कत के बाद फंसी एम्बुलेंस को बाहर निकाला।
ग्रेटर नोएडा में भी घंटों जाम
इसी बीच ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 इलाके में भी बारिश का असर देखने को मिला। हल्दौनी-कुलेसरा रोड पर भारी जलभराव के कारण कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें एक एम्बुलेंस समेत कई वाहन फंसे रहे। यह जाम घंटों तक बना रहा, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
जलभराव और फंसी एम्बुलेंस की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद यूजर्स ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाए। कई लोगों ने लिखा कि जो नोएडा उत्तर प्रदेश का ‘शो विंडो शहर’ माना जाता है, वहां हर बारिश में जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।
प्रशासन का पक्ष अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल इस मामले में नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जलभराव की वजह, ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति और भविष्य में इससे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों का पक्ष आना अभी बाकी है।

