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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे औपचारिक उद्घाटन
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यशोभूमि में चार दिन तक चलेगा इंडिया मोबाइल कांग्रेस
नई दिल्ली। एशिया के सबसे बड़े डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के 10वें संस्करण का आगाज आज, 7 अक्टूबर से नई दिल्ली के यशोभूमि में होने जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले इस बड़े आयोजन में देश और दुनिया की दूरसंचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियां, उपकरण निर्माता, प्रौद्योगिकी फर्म, नीति-निर्माता, स्टार्टअप और निवेशक एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे। इस दौरान भारत में अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 6जी, उपग्रह संचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे को लेकर व्यापक चर्चा होगी। IMC 2026
‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ है इस साल की मुख्य थीम
दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे आईएमसी 2026 की मुख्य थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ रखी गई है। इसका उद्देश्य तकनीक को केवल प्रयोगशालाओं और अनुसंधान तक सीमित रखने के बजाय बड़े पैमाने पर उसकी तैनाती और वास्तविक जीवन में उसके प्रभाव को बढ़ाना है।
इस थीम के माध्यम से भारत की डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षमता, दूरसंचार क्षेत्र में हो रहे विस्तार और भविष्य की कनेक्टिविटी को वैश्विक मंच पर सामने रखने की कोशिश की जाएगी। सम्मेलन में यह भी चर्चा होगी कि नई तकनीकों को आम लोगों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों तक किस तरह पहुंचाया जा सकता है।
6जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर रहेगा विशेष जोर
इस बार आईएमसी में अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। सम्मेलन के दौरान 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दूरसंचार नेटवर्क, 5जी से कमाई के नए मॉडल, उपग्रह संचार, सेमीकंडक्टर, क्वांटम संचार, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और दूरसंचार के बीच बढ़ते तालमेल को भी सम्मेलन में प्रमुखता मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में दूरसंचार नेटवर्क किस तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित होंगे और इन तकनीकों का इस्तेमाल संचार व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने में किस प्रकार किया जा सकता है, इस पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे। IMC 2026
उपग्रह संचार से लेकर क्वांटम तकनीक तक पर मंथन
आईएमसी 2026 में उपग्रह आधारित संचार भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा। दूरदराज के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाने और पारंपरिक दूरसंचार ढांचे के साथ उपग्रह संचार के इस्तेमाल को लेकर संभावनाओं पर चर्चा होगी।
इसके अलावा सेमीकंडक्टर और क्वांटम संचार जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेषज्ञों का ध्यान रहेगा। डिजिटल व्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियां भी सम्मेलन में महत्वपूर्ण विषय रहेंगी।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है आयोजन
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 को चार प्रमुख स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें ‘सृष्टि’ के तहत नवाचार और भविष्य के डिजिटल ढांचे, ‘सुरक्षा’ के तहत डिजिटल भरोसा, ‘सशक्त’ के तहत समावेश और ‘संवर्धन’ के तहत आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दी गई है।
इन चारों क्षेत्रों को डिजिटल प्रौद्योगिकी के व्यापक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। आयोजन के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने के साथ डिजिटल सुरक्षा, समावेशी तकनीक और आर्थिक विकास के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा।
2030 तक 100 करोड़ लोगों को 5जी से जोड़ने का लक्ष्य
आईएमसी 2026 से पहले संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सम्मेलन की थीम जारी करते हुए 5जी विस्तार को लेकर सरकार के लक्ष्य की जानकारी दी थी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक करीब 100 करोड़ लोगों को 5जी से जोड़ना है।
बताया गया है कि ढाई साल के भीतर करीब 50 करोड़ उपयोगकर्ता 5जी सेवा से जुड़ चुके हैं। देश में दूरसंचार बुनियादी ढांचे के विस्तार पर लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में 5जी विस्तार के साथ अब 6जी की तैयारी पर भी जोर बढ़ाया जा रहा है।
भारत 6जी अलायंस के जरिए घरेलू तकनीक को बढ़ावा
भारत का अगला बड़ा लक्ष्य 6जी तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता को मजबूत करना है। इसके लिए भारत 6जी अलायंस के माध्यम से अनुसंधान और विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
आईएमसी 2026 में 6जी से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं से यह समझने में मदद मिलेगी कि भारत इस अगली पीढ़ी की तकनीक को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही घरेलू दूरसंचार उपकरणों और तकनीक के निर्माण को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।
पहले दिन कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करेंगे चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन सरकार और उद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख वक्ताओं के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्पेसएक्स की स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लारेन ड्रेयर और जापान के संचार मंत्रालय के उपमंत्री हिदेओ फुसेदा समेत कई प्रमुख वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इन सत्रों में वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र में हो रहे बदलाव, उपग्रह संचार, डिजिटल तकनीक और भविष्य की कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर चर्चा होगी। IMC 2026
प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के बाद उद्योग जगत के दिग्गज रखेंगे विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को आईएमसी 2026 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके बाद देश के प्रमुख उद्योग समूहों के शीर्ष अधिकारी भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक सुनील भारती मित्तल और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के संबोधन अपेक्षित हैं। इन संबोधनों में भारत के दूरसंचार क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भविष्य की तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार को लेकर विचार सामने आ सकते हैं।
100 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा प्रदर्शक होंगे शामिल
आईएमसी 2026 में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी बड़े स्तर पर होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, 100 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा प्रदर्शक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में आगंतुकों के भी यशोभूमि पहुंचने की संभावना है।
इस दौरान विभिन्न कंपनियां और तकनीकी संस्थान अपनी नई तकनीकों और उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। इससे भारत में दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे विकास को वैश्विक स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलेगा। IMC 2026
5जी के विस्तार से 6जी की तैयारी तक दिखेगा भारत का डिजिटल सफर
आईएमसी 2026 ऐसे समय हो रहा है, जब भारत में 5जी नेटवर्क का विस्तार तेजी से जारी है और 6जी तकनीक को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। सम्मेलन में मौजूदा नेटवर्क को मजबूत करने के साथ भविष्य की तकनीक को लेकर भी व्यापक चर्चा होगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उपग्रह संचार, सेमीकंडक्टर, क्वांटम संचार और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र आने वाले वर्षों में डिजिटल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में इन सभी क्षेत्रों को एक ही मंच पर चर्चा में लाना आईएमसी 2026 को खास बनाता है। IMC 2026
डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर भी रहेगा जोर
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य डिजिटल प्रौद्योगिकी को आर्थिक विकास से जोड़ना भी है। नई तकनीकों के विस्तार से रोजगार, निवेश, स्टार्टअप और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
भारत में दूरसंचार बुनियादी ढांचे में हो रहे बड़े निवेश के बीच आईएमसी के मंच से घरेलू निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर भी दिशा सामने आ सकती है। विशेष रूप से 6जी और दूरसंचार उपकरण निर्माण में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर रहने की संभावना है।
वैश्विक तकनीकी मंच के रूप में मजबूत हो रही आईएमसी की पहचान
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और व्यापक तकनीकी विषयों को शामिल किया गया है। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सरकार, उद्योग, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप और निवेशकों के बीच संवाद होगा।
कुल मिलाकर आईएमसी 2026 केवल 5जी और मोबाइल तकनीक तक सीमित आयोजन नहीं है। इसमें 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उपग्रह संचार, सेमीकंडक्टर, क्वांटम संचार, साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स जैसी भविष्य की तकनीकों को भी केंद्र में रखा गया है। ऐसे में यशोभूमि में होने वाला यह आयोजन भारत की डिजिटल यात्रा और आने वाले वर्षों की कनेक्टिविटी की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। IMC 2026

