गाजियाबाद/नोएडा। गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में अवैध मदरसों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद के घर पर बुलडोजर चलाने की भी तैयारी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब मदरसों पर कार्रवाई हो रही है, तो खोड़ा में बेतरतीब खड़ी हो चुकीं सैकड़ों अवैध इमारतों और नोएडा की सड़कों पर फैले अतिक्रमण पर प्रशासन और पुलिस की आंखें क्यों मुंद हैं?
अवैध इमारतों का जंगल बन चुकी है खोड़ा कॉलोनी
खोड़ा कॉलोनी में बड़े पैमाने पर अवैध और बेतरतीब इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। भवन स्वामी इन इमारतों से मोटा किराया वसूल रहे हैं, जबकि इनका निर्माण किसी भी नियम-कानून की परवाह किए बिना किया गया है। खोड़ा नगर पालिका क्षेत्र में बनी ये इमारतें न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाती हैं, बल्कि नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सीधा बोझ डाल रही हैं।
टैक्स खोड़ा नगर पालिका को, सुविधाएं नोएडा की — यह कैसा खेल?
सबसे विचित्र स्थिति यह है कि खोड़ा कॉलोनी के निवासी और भवन स्वामी अपना कर खोड़ा नगर पालिका को अदा करते हैं, लेकिन सड़क, सीवर, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए नोएडा प्राधिकरण के संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। इससे नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अनियोजित और अनाधिकृत दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि प्राधिकरण को इसके बदले में कुछ नहीं मिलता।
सेक्टर-57 और सेक्टर-62 की सड़कें बनीं जाम का अड्डा
नोएडा के सेक्टर-57 और सेक्टर-62 को जोड़ने वाली सड़क पर अतिक्रमण एक स्थायी समस्या बन चुका है। लेबर चौक के आसपास का हाल तो और भी बुरा है। नोएडा प्राधिकरण ने जाम से निजात दिलाने के लिए कई बार डिवाइडर लगाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार यह कोशिश नाकाम रही। विशेषज्ञों का मानना है कि खोड़ा नगर पालिका क्षेत्र में बेतरतीब खड़ी इमारतें और उनसे जुड़ा अतिक्रमण ही इस पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम की मुख्य जड़ है। इससे नोएडा जैसे सुनियोजित शहर की साख पर बट्टा लग रहा है।
ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण से सर्वे की मांग
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों की मांग है कि ट्रैफिक पुलिस और नोएडा प्राधिकरण मिलकर सेक्टर-57 और सेक्टर-62 के आसपास के इलाके का संयुक्त सर्वे करें। यदि ऐसा हो तो खोड़ा नगर पालिका क्षेत्र से नोएडा की सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण की पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी और जाम की असली वजह उजागर होगी।
योगी का सपना, लेकिन खोड़ा में उदासीनता क्यों?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में कोई भी भू-माफिया और अतिक्रमणकारी बेलगाम न रहे। समय-समय पर कार्रवाइयां भी होती हैं। लेकिन खोड़ा कॉलोनी में प्राधिकरण और पुलिस दोनों की उदासीनता सवाल खड़े करती है। जब मदरसों पर बुलडोजर चल सकता है, तो नियमों को ताक पर रखकर बनी अवैध इमारतों और सड़क पर कब्जा किए बैठे अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं? जरूरत है कि प्रशासन बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के अवैध निर्माणों और अतिक्रमण पर समान रूप से कार्रवाई करे, तभी मुख्यमंत्री के सपने को जमीन पर उतारा जा सकेगा और नोएडा की छवि को बचाया जा सकेगा।

