भगवान परशुराम सेवा संस्थान द्वारा संचालित सामाजिक चेतनामंच की मेरठ जोन स्तरीय संगठन विस्तार समीक्षा बैठक एवं केंद्रीय सरकार के 12 वर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य अतिथि व संगठन के राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक कलराज मिश्र ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्ष राष्ट्र के उत्थान और गरीब कल्याण के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने बताया कि इस कार्यकाल में देश की एकता, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जिनसे भारत वैश्विक पटल पर आर्थिक और रणनीतिक रूप से सशक्त हुआ है।

कलराज मिश्र ने कहा कि संवैधानिक बदलाव कर धारा 370 समाप्त करने जैसी साहसिक पहल से “एक झंडा, एक कानून” की नीति को मजबूती मिली और इससे राष्ट्रीय एकता-अखंडता को नई मजबूती मिली। सरकार ने सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए कंटीले तारों की बाउंड्री बनवाई तथा सीमा तक सैनिकों के आवागमन के लिए नए सुगम मार्ग विकसित किए। रक्षा से जुड़े संस्थान DRDO के माध्यम से आधुनिक और घातक हथियार तथा मिसाइल निर्माण को गति मिली, जिससे देश की सुरक्षा क्षमताओं में वृद्धि हुई है।
आर्थिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कलराज मिश्र ने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियों और सुधारों के चलते भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में चौथे पायदान पर पहुंच चुका है। साथ ही, देशव्यापी परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों का व्यापक जाल बिछाया गया, दर्जनों नए हवाई अड्डे बनाए गए और वंदे भारत जैसी उच्च वेग की ट्रेनें कश्मीर से कन्याकुमारी तक चलकर यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सेवा प्रदान कर रही हैं।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण योजनाओं पर बोलते हुए श्री मिश्र ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से लगभग 80 करोड़ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार अंत्योदय योजना द्वारा अन्न सुरक्षा सुनिश्चित की गई, गरीबों के लिए आवास योजना चलाई गई, हर घर शौचालय और हर घर नल-नल में निर्मल जल जैसी पहल से ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में मूलभूत जीवन स्तर में सुधार आया। उज्ज्वला, स्व-रोजगार एवं किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से भी व्यापक स्तर पर लाभार्थियों का कल्याण सुनिश्चित हुआ।
महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कलराज मिश्र ने बताया कि सरकार ने मातृशक्ति की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी और उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु नारी वंदन विधेयक लाकर देश की महिला नीतियों को वैश्विक मान्यता देने का प्रयास किया है, जिससे महिलाओं के सम्मान व अधिकारों को संवैधानिक स्तर पर बल मिला है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण दीक्षित ने सामाजिक चेतनामंच के कार्य और संगठन के ढांचे पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन कलराज मिश्र के संरक्षण में भारत के 28 प्रदेशों में सक्रिय है और इसका संचालन 25 सदस्यीय संरक्षक मंडल के परामर्श से किया जाता है। इस मंडल में कई वरिष्ठ राजनीतिक व प्रशासनिक हस्तियाँ शामिल हैं, जिनमें डॉ. दिनेश शर्मा, बेबी रानी मौर्य, राजवीर सिंह राजू भइया, डॉ. अशोक वाजपेयी, प्रो. रीता बहुगुणा जोशी समेत अन्य नामचीन चेहरे हैं।
कार्यक्रम में संगठन के एक प्रतिनिधि ने बताया कि सामाजिक चेतनामंच में 36 बिरादरियों के जातीय संगठन राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर सम्मिलित हैं और ये संगठन भाजपा के आदर्श — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” — के अनुरूप चतुर्मुखी विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में कार्यरत हैं।
प्रेस वार्ता के आयोजन का नेतृत्व भगवान परशुराम सेवा संस्थान के संयोजक एवं सामाजिक चेतनामंच के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव कुंवर अमितराज दीक्षित तथा पंडित राजेंद्र शर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष/प्रभारी मेरठ जोन) ने किया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राजेश द्विवेदी, उत्तर प्रदेश युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष भव मिश्र, प्रदेश महासचिव ध्रुव शर्मा एड, दिल्ली प्रदेश सचिव मनीष शर्मा, जोन अध्यक्ष राजनारायण शुक्ला, भारतीय वैश्य एकता मंच के प्रदेश महासचिव दिल्ली संजय गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने सरकार की नीतियों द्वारा औद्योगिक विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया और आगे संगठन के विस्तारीकरण व जन-चेतना मुहिमों को तेज करने का संकल्प जताया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाये गए व्यापक परियोजना एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों ने देश के दूरदराज के इलाकों तक विकास की रेखा पहुँचाई है और आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत बुनियादी संरचना तथा सामाजिक सुरक्षा जाल तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन भविष्य में इस तरह की उपलब्धियों व जनहितकारी पहलों का सक्रिय समर्थन तथा निगरानी जारी रखेगा ताकि लाभार्थी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

