तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक सीफूड (झींगा) प्रोसेसिंग यूनिट में जहरीली अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में कम से कम 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग प्रभावित हुए और अस्पताल में भर्ती हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें चेन्नई के सरकारी स्टैनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। घटना पेरियापलायम के पास कनिगईपैर इलाके में स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (St. Peter’s Paul Seafoods Exports) नामक फैक्ट्री में हुई। फैक्ट्री में करीब 120 गेस्ट वर्कर्स, जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड से आए कई महिला कामगार शामिल थे, छुट्टी के दिन अपने आवास पर थे। अमोनिया गैस का रिसाव प्रोसेसिंग यूनिट (संभवतः रेफ्रिजरेशन सिस्टम) से हुआ, जो पूरे परिसर में फैल गया। प्रभावित मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ, नाक-मुंह से खून बहना और आंखों में जलन की शिकायतें हुईं।
बचाव कार्य और सरकारी प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन की सूचना पर अरक्कोणम स्थित NDRF की चौथी बटालियन से 30 सदस्यीय विशेष CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम PPE किट, गैस डिटेक्शन डिवाइस और अन्य उपकरणों से लैस होकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। गैस को नियंत्रित करने और आगे फैलने से रोकने के प्रयास जारी हैं।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जिसमें इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ के डायरेक्टर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी और पब्लिक हेल्थ के एडिशनल डायरेक्टर शामिल हैं। समिति को 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट और 3 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। सीएम ने IT मंत्री/तिरुवल्लूर निगरानी मंत्री को निर्देश दिया कि वे IAS अधिकारी डॉ. के.पी. कार्तिकेयन के साथ तुरंत जिले पहुंचें और जिला कलेक्टर व प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावितों को हर संभव मदद व बेहतर इलाज उपलब्ध कराएं। मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये का एक्स-ग्रेशिया देने की घोषणा भी की गई है। इसके अलावा, राज्य भर में खतरनाक उद्योगों का निरीक्षण कराने के आदेश दिए गए हैं।
जांच और कानूनी कार्रवाई
पेरियापलायम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव का कारण रेफ्रिजरेशन सिस्टम में खराबी हो सकता है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना तमिलनाडु में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है। राज्य में पहले भी अमोनिया लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे मजदूरों की सुरक्षा पर सख्ती से अमल करने की मांग तेज हो गई है। प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन ने घायलों के इलाज की निगरानी के साथ मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्थिति अभी भी विकसित हो रही है। NDRF की टीम गैस को पूरी तरह नियंत्रित करने में जुटी हुई है। आगे की जानकारी के लिए सरकारी और मीडिया स्रोतों पर नजर रखें। यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपकरणों, नियमित निरीक्षण और कार्यकर्ता जागरूकता की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करता है।

