Jantar Mantar News:‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आंदोलन 20वें दिन में, बारिश के बीच डटे प्रदर्शनकारी, वांगचुक की सेहत नाजुक

Jantar Mantar News: नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 जून से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को लगातार 20वें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन NEET-UG पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ था।

बारिश में भी नहीं टूटा हौसला

राजधानी में बीते कुछ दिनों से हो रही झमाझम बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी हालात में प्रदर्शन कमजोर नहीं पड़ेगा। 

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। बुधवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, अनशन के कारण उनके शरीर का वजन तेजी से गिरा है, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक वांगचुक का वजन 7 किलोग्राम से ज्यादा कम हो चुका है और वर्तमान में उनका वजन घटकर 59.40 किलोग्राम पर आ गया है। उनका रक्तचाप बैठने की स्थिति में 103/68 और लेटने की स्थिति में 111/73 दर्ज किया गया, हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि उनका शरीर में पानी का स्तर सामान्य है और वे मानसिक रूप से सतर्क हैं। वांगचुक के साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य भी अलग मंच बनाकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हैं। 

जमीनी हालात

धरना स्थल पर देश के अलग-अलग हिस्सों से समर्थक पहुंच रहे हैं। पहले भी तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष तथा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और अंजलि भारद्वाज धरना स्थल का दौरा कर चुके हैं और अपनी एकजुटता जता चुके हैं। पार्टी का दावा है कि आंदोलन में छात्रों के अलावा किसान संगठन और सर्व खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी शामिल हो चुके हैं।

मांगें और सरकार का रुख

CJP की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NTA में सुधार है। दिपके का आरोप है कि सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही, वहीं दिल्ली पुलिस पहले ही धरना स्थल की अनुमति सीमा को लेकर सख्ती दिखा चुकी है।

मीडिया कवरेज

आंदोलन को आजतक, ईटीवी भारत, टाइम्स नाउ नवभारत, अमर उजाला जैसे प्रमुख हिंदी न्यूज़ चैनलों और वेबसाइटों पर लगातार कवरेज मिल रहा है — खासकर वांगचुक के हेल्थ बुलेटिन और बारिश के बीच प्रदर्शन की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई जा रही हैं। यह एक चल रही घटना है, स्थिति में लगातार बदलाव हो रहा है ताजा और आधिकारिक अपडेट के लिए संबंधित समाचार चैनलों की वेबसाइट देखें।

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