Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा, टेकजोन-4, एक मूर्ति चौक एक तरफ बिल्डरों द्वारा लग्जरी लिविंग और रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की चमकदार मार्केटिंग, दूसरी तरफ घर खरीदने वाले परिवारों की बदहाली। कविराज (KVIRAAJ) मेफेयर रेजीडेंसी (Mayfair Residency / Kviraaj Mayfair Residency) का मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से विवादों, देरी और बुनियादी ढांचे की खामियों का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। प्रोजेक्ट 2010-11 के आसपास शुरू हुआ था। मूल डेवलपर सुपरसिटी डेवलपर्स (Supercity Developers) था, जिसे अब कविराज ग्रुप ने संभाला है। UP RERA में रजिस्टर्ड (UPRERAPRJ852, रजिस्ट्रेशन 14 अगस्त 2017) इस प्रोजेक्ट में कुल 12 टावर और लगभग 1,049 अपार्टमेंट हैं। तीन फेज में बांटा गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति चिंताजनक है।
OC की स्थिति और पजेशन की हकीकत
RERA दस्तावेजों के अनुसार, प्रोजेक्ट फेज-वाइज OC (Occupancy Certificate) प्राप्त कर रहा है। टावर A, B, C, D में कुछ हद तक पजेशन दिया गया है और यहां कुछ परिवार रह भी रहे हैं (2019 से शुरू)। लेकिन E से L तक के टावर अभी निर्माणाधीन हैं। आधिकारिक OC अभी पूरी तरह नहीं मिला है। बिल्डर चरणबद्ध तरीके से OC के लिए आवेदन कर रहा है। हालांकि, 2026 में भी कई खरीदारों को पूर्ण पजेशन नहीं मिला है। कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर 18 साल बीतने के बावजूद अधूरे काम की शिकायतें आम हैं। बिल्डर साइट पर “पजेशन जल्द” और “रेडी टू मूव” का प्रचार कर रहा है, लेकिन वास्तविकता अलग है। RERA पोर्टल पर OC का प्रोफॉर्मा अभी NA (Not Available) दिख रहा है।
मेंटेनेंस चार्ज और रहने की स्थिति
रहने वाले परिवारों से वर्तमान में ₹2 से ₹2.50 प्रति वर्ग फुट मासिक मेंटेनेंस लिया जा रहा है। 1490 sq.ft. के 3BHK फ्लैट के लिए करीब ₹3,000 मासिक खर्च आता है। लेकिन समस्या यह है कि सोसाइटी में सीपेज (seepage) की शिकायतें बढ़ रही हैं। निवासियों का कहना है कि स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए तो स्थिति और खराब निकलेगी। “भ्रष्टाचार की इमारत कब गिरेगी, कुछ पता नहीं” जैसे आशंकाएं आम हैं।
आसपास का बुनियादी ढांचा: बारिश में जल-प्रलय
मेफेयर रेजीडेंसी के पास ही La Residencia जैसी अन्य सोसाइटियों की हालत भी जानी-पहचानी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) में फुटपाथ लगभग नदारद हैं। सड़कें खस्ताहाल हैं बारिश में पूरी सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं, पैदल चलना मुश्किल। हाल के दिनों में भारी बारिश ने पूरे इलाके में वॉटरलॉगिंग, ट्रैफिक जाम और सड़क क्षति को बढ़ा दिया है। टेकजोन-4 समेत कई इलाकों में पॉटहोल, उबड़-खाबड़ रोड और खराब ड्रेनेज की शिकायतें लगातार आ रही हैं।
खरीदारों की नाराजगी और सवाल
पिछले वर्षों में खरीदारों ने प्रदर्शन भी किए हैं। देरी, अधूरी सुविधाएं और रखरखाव की कमी मुख्य मुद्दे रहे हैं। जबकि बिल्डर लग्जरी, ग्रीन एरिया, क्लब हाउस और कनेक्टिविटी का दावा करता है, जमीनी हकीकत निवासियों को परेशान कर रही है। GNIDA और UP RERA से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मेफेयर रेजीडेंसी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास की कहानी का प्रतीक है जहां बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के वादे हवा में उड़ जाते हैं, जबकि आम खरीदार सपनों के घर की बजाय समस्याओं का बोझ ढोते हैं। प्राधिकरणों को जल्द OC सुनिश्चित करने, स्ट्रक्चरल सेफ्टी चेक और आसपास की सड़कों-ड्रेनेज को दुरुस्त करने की जरूरत है, वरना एक बड़ा हादसा होने तक इंतजार करना पड़ सकता है। निवेश या खरीदारी करने वाले खरीदारों को सलाह है कि RERA पोर्टल, साइट विजिट और मौजूदा निवासियों से सत्यापन जरूर करें। विकास हो रहा है, लेकिन गति धीमी और गुणवत्ता संदिग्ध है।

