New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली और सरकारी सप्लाई की जीवनरक्षक दवाइयों के अंतरराज्यीय गिरोह का पदार्फाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखर्जी नगर स्थित अवैध मैन्युफैक्चरिंग और री-पैकेजिंग यूनिट पर छापा मारकर करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाइयां, वैक्सीन, इंसुलिन, एंटी-स्नेक वेनम और ह्यूमन एल्ब्यूमिन सहित भारी मात्रा में जीवनरक्षक दवाइयां बरामद की हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार जैन, राजू कुमार मिश्रा, विक्रम सिंह उर्फ सन्नी और वतन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से सरकारी सप्लाई की दवाइयां अवैध तरीके से हासिल करता था। इसके बाद दिल्ली में उनकी पैकेजिंग और लेबल बदलकर खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 टीम को सूचना मिली थी कि सरकारी अस्पतालों की दवाइयों को दोबारा पैक कर दिल्ली-एनसीआर और पूर्वोत्तर राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के अधिकारियों के साथ संयुक्त छापेमारी की गई।
मुखर्जी नगर स्थित ठिकाने से भारी मात्रा में रैबीज वैक्सीन, हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन, इंसुलिन, एंटी-डी इंजेक्शन, स्नेक वेनम एंटीसीरम, एंटीबायोटिक्स और कैंसर उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बरामद हुईं। पुलिस ने मौके से लेबलिंग मशीनें, पैकेजिंग सामग्री और नकली दवाइयां तैयार करने में इस्तेमाल उपकरण भी जब्त किए।
पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, इंफाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक नेटवर्क चलाता था। आरोपियों पर सरकारी दवाइयों के लेबल हटाकर नए फर्जी लेबल लगाने और नकली दवाइयों का निर्माण करने का आरोप है। पुलिस को हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन के संकेत भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।
प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों से सप्लाई करते थे दवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनोज कुमार जैन इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था, जो मुखर्जी नगर से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वहीं विक्रम और वतन प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों से दवाइयों की सप्लाई कराते थे।
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
-मुखर्जी नगर में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
-सरकारी अस्पतालों की दवाइयों के बदले जाते थे लेबल
-दिल्ली से पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला था नेटवर्क
-इंसुलिन, रैबीज वैक्सीन, एंटी-स्नेक वेनम तक नकली मिले
-हवाला एंगल की भी जांच शुरू

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